
सूरजपुर, 17 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। स्कूलों में विज्ञान की पढ़ाई को आसान, रोचक और प्रयोग‑आधारित बनाने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग ने 24 मेंटर शिक्षकों को एक दिवसीय कार्यशाला में प्रशिक्षण दिया। कार्यशाला संयुक्त जिला कार्यालय सूरजपुर में आयोजित हुई, जिसमें भौतिकी और रसायन विज्ञान के प्रयोगों को कम लागत वाली घरेलू सामग्री से करने के तरीके सिखाए गए।
कार्यशाला का उद्घाटन संयुक्त कलेक्टर प्रशांत जायसवाल और डिप्टी कलेक्टर यशवंत कुमार देवांगन ने किया। रसायन विज्ञान के मास्टर ट्रेनर गोपाल सिंह (शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, रामानुजनगर) तथा भौतिकी के मास्टर ट्रेनर दुष्यंत कुमार राजवाड़े (स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय, नवापारा, सूरजपुर) ने प्रशिक्षण के मुख्य भाग को संभाला।
प्रशिक्षकों ने घरों में आसानी से उपलब्ध वस्तुओं – जैसे प्लास्टिक बोतल, टिन, चाय की पैकेट आदि – का उपयोग करके विभिन्न वैज्ञानिक प्रयोग दर्शाए और प्रत्येक प्रयोग के सिद्धांत को विस्तार से समझाया। शिक्षकों को केवल प्रदर्शन नहीं दिखाया गया; बल्कि उन्हें हर गतिविधि स्वयं करने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि वे अपने विद्यालयों में वही पद्धति लागू कर सकें।
मास्टर ट्रेनरों ने अब तक 100 से अधिक कम लागत वाली शिक्षण सामग्रियाँ तैयार कर ली हैं, जो जटिल विज्ञान अवधारणाओं को सरल बनाकर समझाने में मददगार हैं। इन सामग्रियों का उपयोग करके विद्यार्थी प्रयोग देख कर और स्वयं करके विज्ञान को बेहतर ढंग से समझेंगे। प्रशिक्षण के दौरान इन सामग्रियों के उपयोग की विधि भी विस्तार से बताई गई।
कार्यशाला के बाद कलेक्टर रेना जमील ने संयुक्त कलेक्टर प्रशांत जायसवाल की इस पहल की सराहना की और मास्टर ट्रेनरों के नवाचार को उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयोग विद्यार्थियों की विज्ञान में रुचि बढ़ाने के साथ-साथ वैज्ञानिक सोच विकसित करने में सहायक होंगे।
कार्यशाला में भाग लेने वाले शिक्षकों ने प्रशिक्षण को उपयोगी और सहभागितापूर्ण बताया। अब वे अपने‑अपने विकासखंड में अन्य शिक्षकों को प्रयोग‑आधारित शिक्षण के तरीके सिखाएँगे, जिससे पूरे जिले के स्कूलों में विज्ञान पढ़ाई को गतिविधियों और व्यावहारिक प्रयोगों से जोड़ा जा सकेगा।
