
नई दिल्ली, 17 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने दो बड़ी खाद्य‑मल्टीनेशनल कंपनियों के खिलाफ पैकेजिंग पर भ्रामक दावे करने के आरोपों से जुड़ी दो अलग‑अलग नोटिस जारी की हैं।
पहली नोटिस हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (एचयूएल) को जारी की गई, जिसमें उसके उत्पाद ‘हॉर्लिक्स विमेंस प्लस चॉकलेट न्यूट्रिशन ड्रिंक 400 ग्राम’ पर लगाए गए भ्रामक दावे को उजागर किया गया है। एचयूएल को निर्धारित समय‑सीमा के भीतर इस नोटिस का जवाब देने का आदेश दिया गया तथा लाइसेंसिंग प्राधिकरणों और ई‑कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्मों को भी आवश्यक कार्रवाई करने के लिए कहा गया। एचयूएल से जुड़े एक अन्य मामले में एफएसएसएआई ने ‘हॉर्लिक्स मदर्स प्लस केसर 400 ग्राम बीआईबी’ पर भी भ्रामक दावों के कारण नोटिस जारी किया।

दूसरी ओर, एफएसएसएआई ने नेस्ले इंडिया के साथ-साथ श्रेइबर डायनामिक्स डेयरीज प्राइवेट लिमिटेड और लोटस डेयरी प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को ‘रेडी‑टू‑ड्रिंक’ वर्ग के नियमों का उल्लंघन करने के लिए नोटिस भेजा। जांच में पाया गया कि इन कंपनियों ने ई‑कॉमर्स मंचों पर नेस्कैफ़े‑ब्रांडेड उत्पादों—‘नेस्कैफ़े इंटेंस कैफ़े कैपुचीनो फ्लेवर’, ‘नेस्कैफ़े चोको मोचा’ और ‘नेस्कैफ़े चिल्ड लाटे’—का विपणन तथा बिक्री की है। पैकेजिंग पर इन उत्पादों के लेबल में परस्पर विरोधी विवरण दिखाई दिए, जिससे उपभोक्ता को भ्रमित किया गया।
एफएसएसएआई ने सभी उल्लिखित कंपनियों को नोटिस में दिए गए निर्देशों का पालन करने और नियामक मानकों के अनुरूप सुधारात्मक कदम उठाने का आदेश दिया। साथ ही, नियामक ने लाइसेंसिंग प्राधिकरणों एवं ऑनलाइन विक्रय प्लेटफ़ॉर्मों से अनुरोध किया कि वे उल्लंघनकारी वस्तुओं को रोकें और उपभोक्ता संरक्षण के लिए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें।
