
भोपाल, 17 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बैरागढ़ क्षेत्र में 12 वर्षीय बच्ची की हत्या के बाद शनिवार को शहर में जनता का आक्रोश फूट पड़ा। स्थानीय नागरिकों के साथ बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के कार्यकर्ता भी इस विरोध में शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों ने बैरागढ़ थाने का घेरा बनाया और भोपाल‑सीहोर मार्ग पर लगभग तीन घंटे तक चक्काजाम किया। इस दौरान दो किलोमीटर तक वाहन कतारें लम्बी हो गईं, जिससे राहगीरों को काफ़ी परेशानी हुई। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश करते रहे, पर कुछ लोग मुख्य गेट पर धक्का‑मुक्की कर थाने में प्रवेश करने की कोशिश भी करने लगे। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने थाने के दोनों मुख्य द्वार बंद कर दिए और अतिरिक्त बल तैनात किया।
प्रदर्शकों की प्रमुख माँगें थीं कि आरोपी को तुरंत उनके हवाले किया जाए ताकि सजा दी जा सके, साथ ही केस की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाए और आरोपी के मकान पर बुलडोजर कार्रवाई की जाए। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे पीड़ित परिवार से मिलें और त्वरित न्याय के लिए ठोस कदम उठाएँ।
पड़ती हुई जानकारी के अनुसार, बच्ची गुरुवार, 15 अक्टूबर की रात से लापता थी और शुक्रवार, 16 अक्टूबर को उसका शव कृष्णा कॉम्प्लेक्स के पीछे एक खंडहरनुमा इमारत में मिला। प्रारम्भिक जांच ने बताया कि बच्ची के साथ यौन हिंसा की गई और फिर उसके गले को घोंटकर हत्या की गई। शव को पोस्ट‑मॉर्टम के लिये भेजा गया।
सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 23 वर्षीय मुबीन को गिरफ्तार कर लिया। फुटेज में वह बच्ची के साथ जाता और कुछ समय बाद अकेला लौटता दिख रहा है। शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार किया।
एसीपी रत्नेश तोमर ने बताया कि हत्या, बच्ची को बहला‑फुसलाकर ले जाने व अन्य गंभीर धारा के तहत केस दर्ज किया गया है। शॉर्ट पोस्ट‑मॉर्टम रिपोर्ट में यौन हिंसा की पुष्टि हुई है; विस्तृत रिपोर्ट मिलने पर अतिरिक्त कानूनी धाराएँ जोड़ी जाएँगी। पुलिस ने कहा कि जांच जारी है और पीड़ित परिवार के संपर्क में रहकर सभी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। प्रदर्शन के बाद स्थिति पर नजर रखने हेतु क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
