
नई दिल्ली, 17 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। राऊज एवेन्यू कोर्ट में आज आम आदमी पार्टी (आआपा) नेता नरेश बाल्यान से जुड़े मकोका मामले में दो आरोपित विकास गहलोत और विनीता की ओर से आरोप तय करने पर दलीलें पूरी कर ली गईं। विशेष जज प्रशांत कुमार ने आरोपित मनोज यादव उर्फ़ कैरा की ओर से दलीलें रखने की तिथि 5 नवंबर निर्धारित की।
सुनवाई के दौरान विकास गहलोत और विनीता के वकील तंजीम हुसैन एवं मोहित चड्ढा ने दोनों पक्षों की दलीलें प्रस्तुत कीं; लंच से पहले और बाद दोनों सत्रों में। मनोज यादव की ओर से वकील चिराग मदान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बताया कि वह दिल्ली के बाहर हैं, इसलिए कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सकते। इसके बाद कोर्ट ने उन्हें दलीलें रखने के लिए 5 नवंबर का आदेश दिया।
16 अक्टूबर को नरेश बाल्यान की ओर से वरिष्ठ वकील रेबेका जॉन ने दलीलें पेश कीं और दस हजार रुपये का जुर्माना जमा किया। यह जुर्माना 1 अक्टूबर को दलीलें पेश न करने पर लगाया गया था। 8 अगस्त को दिल्ली पुलिस ने भी अपने पक्ष में दलीलें पूरी कर ली थीं।
कोर्ट ने इस मामले में दो अन्य आरोपित कपिल संगवान और उमेद सिंह को भगोड़ा घोषित किया है। दिल्ली पुलिस ने 17 अप्रैल को छठी पूरक चार्जशीट दाखिल की, जबकि 24 जनवरी को मनोज यादव के खिलाफ पाँचवीं पूरक चार्जशीट पर ध्यान दिया गया। चार्जशीट में मनोज यादव को संगठित अपराध गिरोह का सदस्य बताया गया है, जिसका नेतृत्व कपिल संगवान (उर्फ़ नंदू) करता है, जो वर्तमान में फरार है।
पुलिस के अनुसार नरेश बाल्यान और गैंगस्टर के बीच संवाद का मामला 2023 का है, जिसके लिए उसी वर्ष एफआईआर दर्ज हुई थी। कपिल संगवान, जो पिछले पाँच वर्षों से ब्रिटेन में रह रहा है, हरियाणा के नफे सिंह हत्याकांड तथा बल्लू पहलवान और भाजपा नेता सुरेंद्र मटियाला की हत्या का भी मास्टरमाइंड माना जाता है। नरेश बाल्यान ने 2015 और 2019 में उत्तमनगर विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व किया था।
