
रैसें, 16 अक्टूबर (हिंदुस्तान समाचार) — केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि गरीबी से मुक्ति केवल सहायता से नहीं, बल्कि प्रत्येक परिवार को स्थायी आजीविका से जोड़कर ही संभव है। उन्होंने कहा, “हर गाँव को गरीबी‑मुक्त बनाना है, इसके लिये हर परिवार को रोजगार‑संधि प्रदान करनी होगी।” यह बात उन्होंने महिला किसान दिवस के अवसर पर सanchi के अपने यात्राकालीन कार्यक्रम में कही, जहाँ उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 46 ग्रामीण सड़कों का भूमिपूजन किया।
कार्यक्रम में सanchi के विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी और स्थानीय प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। मंत्री ने कृषि में महिलाओं की अहम भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा, “जिन महिलाओं ने अपने हाथों से खेतों में काम किया, वही वास्तविक महिला किसान हैं; उन्हें औपचारिक पहचान दिलाना हमारा प्राथमिक लक्ष्य है।” उन्होंने यह स्पष्ट किया कि किसान की पहचान केवल जमीन के मालिक होने से नहीं, बल्कि खेती‑कार्य में सक्रिय भागीदारी से निर्धारित होनी चाहिए।
रैसें‑विदिशा को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चुनते हुए, मंत्री ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य प्रत्येक गाँव के सभी परिवारों को कम से कम एक आय‑स्रोत से जोड़ना है। इसमें धान, फल, सब्जी, औषधीय पौधे, पशुपालन, मछली पालन, बकरी पालन तथा छोटे‑उद्यमी गतिविधियों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। महिलाओं को छोटे उद्योग—जैसे दाल मिल, तेल उत्पादन इकाई, टमाटर केचप कारखाना—स्थापित करने के लिये प्रशिक्षण, मशीनरी और तकनीकी सहायता प्रदान की जाएगी।
उन्हें वित्तीय सहायता के लिये कम या बिना गारंटी वाले ऋण की सुविधा दी जाएगी, जिससे पूँजी की कमी उनके उद्यम को रोक न सके। मंत्री ने कहा, “महिला किसान मंच के माध्यम से महिलाएँ एक‑दूसरे से सीखेंगी, अनुभव साझा करेंगी और मिलकर आगे बढ़ेंगी; इस मंच में पुरुष भी भाग ले सकते हैं।”
समाप्ति में उन्होंने दोहराया, “समाज में महिलाओं को सम्मान, आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के साथ जीवन यापन का अवसर देना हमारा संकल्प है। जब महिलाएँ आत्मनिर्भर होंगी, तो उनका परिवार और गाँव भी समृद्ध होंगे, और भारत की प्रगति को नई दिशा मिलेगी।”
