
कोरबा, 16 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में लंबे समय से जर्जर सड़कों और वाहनों के चलने पर उठती धूल की समस्या से परेशान ग्रामीणों का आक्रोश शुक्रवार को सड़क पर दिखाई दिया। सुतर्रा‑बांकीमोंगरा‑कटघोरा बाईपास पर चक्काजाम के साथ विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ, जिसमें लखनपुर और आसपास के गांवों के ग्रामीण शामिल थे।
शुक्रवार सुबह लगभग 9 बजे, ग्रामीणों ने सड़क पर धरने पर बैठकर सड़क की तत्काल मरम्मत और स्थायी समाधान हेतु प्रशासन से लिखित आश्वासन की मांग की। उनका कहना है कि इस बाईपास की हालत इतनी खराब है कि वाहनों की आवाजाही से बड़ी मात्रा में धूल उड़ती है, जिससे राहगीर, वाहन चालकों और आसपास के रहवासियों को लगातार परेशानी हो रही है। विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह धूल का गुबार एक बड़ी बाधा बन गया है।
ग्रामीणों ने SECL और PWD पर सड़क की बुरी हालत को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। उनका दावा है कि संबंधित विभागों ने इस विषय में गंभीरता नहीं दिखाई है और इस वजह से क्षेत्र के लोगों को रोज़मर्रा में तकलीफ उठानी पड़ रही है। वे केवल मौखिक आश्वासन से संतुष्ट नहीं हैं और मांग कर रहे हैं कि सड़क की मरम्मत के लिए ठोस कदम उठाए जाएँ और प्रशासन से लिखित गारंटी ली जाए।
चक्काजाम के समाचार पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने तुरंत मौके पर पहुँच कर ग्रामीणों से बातचीत की और उन्हें आंदोलन समाप्त करने के लिए मनाने की कोशिश की। परंतु ग्रामीणों की मांग पर अडिग रहते हुए वे कहते हैं कि जब तक लिखित आश्वासन और ठोस कार्रवाई नहीं मिलेगी, तब तक वे चक्काजाम जारी रखेंगे।
इस बाईपास पर चक्काजाम के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है और वाहनों की आवाजाही में बाधा आई है। प्रशासनिक अधिकारी समस्या को सामान्य करने के लिए प्रयासरत हैं, परंतु भविष्य में SECL, PWD और जिला प्रशासन को क्या कदम उठाएंगे, यह देखना बाकी है।
