
धमतरी, 16 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। धमतरी जिले के वनांचल भागों में लगातार तेंदुआ के हमलों से भय का माहौल बना हुआ है। कारीपानी, बहीगांव सहित आस-पास के गांवों में ग्रामीणों को घायल करने वाले तेंदुए को शुक्रवार को गाँव वालों की मेहनत से पकड़ा गया। बाद में वन विभाग ने उसे जंगल में ही छोड़ दिया।
तेंदुए की उपस्थिति से क्षेत्र में डर का माहौल है। जंगल से गुजरने वाले वाहन चालकों में भी आतंक देखने को मिला है। गुरुवार को तेंदुए की गतिविधियों की सूचना बोराई वन उपज नाका में तैनात वनकर्मियों को भी दी गई थी। पिछले 24 घंटों में तेंदुए के हमलों में 12 ग्रामीण घायल हुए, जबकि एक गर्भवती महिला की मृत्यु से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ी। मृतक की पहचान बस्तर-बूड़रा निवासी रामशिला मांडवी (25) के रूप में हुई। लगातार हो रहे हमलों के कारण ग्रामीण अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित थे। सीतानदी अभयारण्य क्षेत्र और उससे लगे वनांचल में तेंदुए की गतिविधियों ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी।

कारीपानी के जंगल में भी तेंदुए की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद ग्रामीणों में भय व्याप्त हुआ। हमले में घायल लोगों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। इनमें तीन घायलों का उपचार जिला अस्पताल धमतरी में चल रहा था, जबकि अन्य घायलों को सिविल अस्पताल नगरी, सिविल अस्पताल बोराई और केशकाल क्षेत्र के विश्रामपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
वनांचल के गांवों में मुनादी कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। जंगल से लगे गांवों के लोगों को विशेष सावधानी बरतने और अनावश्यक रूप से जंगल की ओर न जाने की हिदायत दी गई है। तेंदुए के पकड़े जाने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, वन्यजीवों की आवाजाही और मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को देखते हुए क्षेत्र में सतर्कता बनाए रखना आवश्यक है।
