
कोयंबटूर, 16 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर को कोयंबटूर में नवनिर्मित पेरियार अरिवुलगम भवन का उद्घाटन किया। यह सात मंजिला परिसर आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है, जिसमें पुस्तकालय, विज्ञान केंद्र, तारामंडल, अत्याधुनिक सभागार और डिजिटल लाइब्रेरी शामिल हैं। उद्देश्य इसे विद्यार्थियों, शोधार्थियों और आम जनता के लिए शिक्षा, अध्ययन और वैज्ञानिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनाना है।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार सुबह लगभग 11 बजे एक विशेष विमान से कोयंबटूर पहुँच कर गांधिपुरम स्थित समारोह स्थल के लिए रवाना हुए। अविनाशी रोड से गांधिपुरम तक लगभग 10 किलोमीटर के रोड शो में सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए। खुली गाड़ी में सवार होकर उन्हें जनसमूह ने गर्मजोशी से स्वागत किया, और ‘तमिलगा वेत्री कझगम’ के समर्थन में नारे लगाये गए। यह उनके प्रथम कोयंबटूर दौरे के कारण पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों में विशेष उत्साह उत्पन्न हुआ।
निर्माण नंजप्पा रोड पर जेल विभाग की लगभग सात एकड़ जमीन पर लोक निर्माण विभाग द्वारा किया गया, और नवंबर 2024 में शुरू हुआ कार्य अब पूरा हो चुका है। परिसर का क्षेत्रफल लगभग 1 लाख 98 हजार वर्ग फुट है, जिसमें भूतल सहित सात मंजिलें हैं। भवन को ‘ए’ और ‘बी’ नाम के दो खंडों में विभाजित किया गया है, जो शिक्षा, पठन‑पाठन और विज्ञान‑प्रौद्योगिकी से संबंधित गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए विकसित किया गया है।

पुस्तकालय में एक लाख पुस्तकों के साथ डिजिटल लाइब्रेरी, तमिल, अंग्रेजी तथा इतिहास के अलग‑अलग अनुभाग हैं। शोध एवं अध्ययन कक्ष, बच्चों के लिए विशेष पुस्तकालय और स्टार्टअप कंपनियों के लिए इन्क्यूबेशन सेंटर भी उपलब्ध है। भूतल पर दिव्यांगजनों के लिए विशेष पुस्तकालय, 350 लोगों की क्षमता वाला सभागार, विज्ञान केंद्र, और तारामंडल तथा ‘स्पेस लिफ्ट’ जैसी सुविधाएं भी हैं। प्रत्येक मंजिल पर पुस्तकालय और विज्ञान संबंधित सुविधाएँ व्यवस्थित रूप से रखी गई हैं ताकि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित हो और पढ़ने की आदत को प्रोत्साहन मिले।
उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री विजय दोपहर लगभग 12:30 बजे एक सरकारी कार्यक्रम में भाग लेंगे, जहाँ वे पूर्ण हो चुकी विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और नई परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। नियोजित कार्यक्रम के अनुसार, वे लगभग 3 बजे कोयंबटूर के सशस्त्र पुलिस मैदान पहुंचेंगे, जहाँ से हेलीकॉप्टर के जरिए केरल के त्रिशूर रवाना होकर गुरुवायूर मंदिर में भगवान के दर्शन करेंगे।
पेरियार अरिवुलगम को कोयंबटूर में शिक्षा, विज्ञान, शोध और पठन‑पाठन को बढ़ावा देने वाली एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक सुविधा के रूप में देखा जा रहा है, और यह परिसर विद्यार्थियों व आम जनता के लिए एक उपयोगी केंद्र साबित हो सकता है।
