
नई दिल्ली, 16 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने उपराष्ट्रपति भवन में आयोजित विशेष समारोह में स्वतंत्रता सेनानी वीरापांड्या कट्टाबोम्मन की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के दौरान उपराष्ट्रपति ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल “एक्स” पर एक भावनात्मक संदेश लिखते हुए कहा, “वीरापांड्या कट्टाबोम्मन ने ब्रिटिश साम्राज्यवाद के सामने झुकने से इनकार किया और निडर होकर उसका विरोध किया। उनकी वीरता, बलिदान और अपनी संप्रभुता की रक्षा के प्रति उनका अटूट संकल्प भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में एक अमिट छाप छोड़ गया है।”
उपराष्ट्रपति ने आगे बताया कि वीरापांड्या कट्टाबोम्मन का जीवन संघर्ष और साहस का प्रतीक रहा है; उन्होंने गुलामी की बेड़ियों को ठुकराते हुए देशभक्तियों के जज्बे को जीवंत रखा और आने वाली पीढ़ियों के दिलों में अपनी प्रेरणा बनाकर रहे। इस अवसर पर उपस्थित वरिष्ठ पत्रकारों और इतिहासकारों ने भी उनके योगदान को सराहते हुए कहा कि उनका वीरतापूर्ण जीवन न केवल तमिलनाडु में बल्कि सम्पूर्ण भारतीय इतिहास में प्रेरणा स्रोत बनकर बना रहेगा।
ध्यान देने योग्य बात यह है कि वीरापांड्या कट्टाबोम्मन तमिलनाडु के थूथुकुड़ी जिले (जिसे उस समय तिरुनेलवेली क्षेत्र कहा जाता था) के पंचालंकुरिची के एक पलायकरर या पॉलीगर थे। उन्हें स्थानीय स्तर पर पंचालंकुरिची पलायम का कट्टाबोम्मन नायक कहा जाता था, जो अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ उठाए गए कई विद्रोहों में प्रमुख भूमिका निभाते रहे।
उपराष्ट्रपति भवन में इस श्रद्धांजलि समारोह ने राष्ट्र की आज़ादी के लिए शहीद हुए अनेकों नायकों के प्रति सम्मान और स्मरण के महत्व को दोहराया, और यह संदेश दिया कि उनका साहस और दृढ़ संकल्प हमेशा भविष्य की पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
