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गोल्ड ईटीएफ एफओएफ पर अस्थायी रोक: निवेशकों के विकल्प और बंपर रिटर्न

New Delhi, 16 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)।
त्यौहारों के मौसम की शुरुआत के साथ ही म्यूचुअल फंड कंपनियों ने गोल्ड ईटीएफ फंड ऑफ फंड्स (FoF) पर अस्थायी रोक लगा दी है। इस निर्णय के कारण मध्यम वर्ग के निवेशकों के बीच अनेक सवाल और चिंताएँ उठी हैं, क्योंकि धनतेरस व दिवाली जैसे प्रमुख त्योहारों से पहले ही यह प्रतिबंध लागू हो गया है।

यह रोक उन लोगों को प्रभावित करेगी जो इस वर्ष के त्यौहारों में नई एकमुश्त निवेश या SIP (सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) खोलने की योजना बना रहे थे। वर्तमान में, नए आवेदन और सिप के स्टेप‑अप/टॉप‑अप दोनों पर भी यह सीमा लागू है। वहीं, जिनके पास पहले से चल रहे SIP हैं और बैंक खातों से किश्तें कट रही हैं, उन पर इस अस्थायी रोक का कोई असर नहीं पड़ेगा; उनकी मौजूदा SIP बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी।

इस बीच, गोल्ड ईटीएफ और गोल्ड FoF के बीच तकनीकी अंतर को स्पष्ट करना जरूरी है। मार्केट एक्सपर्ट मयंक मोहन के अनुसार, गोल्ड ईटीएफ सीधे भौतिक सोने के बाजार मूल्य से जुड़ा रहता है और स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध होता है। निवेश के लिए डिमैट और ट्रेडिंग अकाउंट की आवश्यकता होती है। दूसरी ओर, गोल्ड FoF एक म्यूचुअल फंड योजना है जो पूर्व‑मौजूद गोल्ड ईटीएफ यूनिट्स में निवेश करती है, जिससे निवेशक बिना डिमैट अकाउंट के बैंक खाते के माध्यम से एकमुश्त या SIP के जरिए निवेश कर सकते हैं। इसकी कीमत दिन के अंत में घोषित नेट एसेट वैल्यू (NAV) पर आधारित होती है।

मयंक मोहन का कहना है कि सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) के बंद होने और गोल्ड FoF पर रोक के बाद, डिजिटल और सुरक्षित निवेश का सबसे अच्छा विकल्प गोल्ड ईटीएफ स्वयं है। जिनके पास डिमैट अकाउंट है या खोलवा सकते हैं, वे NSE या BSE पर जाकर सीधे गोल्ड ईटीएफ के यूनिट्स खरीद सकते हैं, जिससे निवेश की शुद्धता और त्वरित बिक्री की सुविधा बनी रहती है।

इसके अतिरिक्त, डिजिटल गोल्ड भी एक लोकप्रिय, सुरक्षित और सुलभ माध्यम बनकर उभरा है। मान्यता प्राप्त मोबाइल वॉलेट, फिनटेक ऐप्स और ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म्स के जरिए निवेशक केवल एक रुपये से भी 24 कैरेट डिजिटल सोना खरीद सकते हैं। खरीदे गये सोने के बराबर मूल्य का भौतिक सोना लॉकरों में बीमाकृत रूप से रख दिया जाता है, जिससे घर में रखने का जोखिम समाप्त हो जाता है।

मयंक मोहन के अनुसार, निवेशक जब चाहें तो इस डिजिटल सोने को ऑनलाइन बाजार मूल्य पर बेच सकते हैं या तय मात्रा पर सिक्कों या आभूषणों के रूप में डिलीवर करवा सकते हैं। म्यूचुअल फंड कंपनियों द्वारा गोल्ड FoF पर अस्थायी रोक बाजार के आंतरिक तकनीकी और प्रबंधन संतुलन को बनाए रखने हेतु उठाया गया कदम है। इसलिए निवेशकों को अपनी योजनाओं को रोकने के बजाय डिमैट खाते के माध्यम से सीधे ईटीएफ में या डिजिटल गोल्ड जैसी आधुनिक सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख करना चाहिए।

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