
शिमला, 16 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। शारदीय नवरात्र के दौरान हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में गोवंश हत्या की आशंका से उत्पन्न तनाव के बीच पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की और चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। मामला सिल्लाघ्राट क्षेत्र के जलेदा जंगल में गोवंश के अवशेष मिलने से जुड़ा है। इस घटना के विरोध में चंबा बाजार बंद रहा और विभिन्न हिन्दू संगठनों ने प्रदर्शन कर आरोपी की गिरफ्तारी की माँग की थी।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) चंबा दिनेश शर्मा ने पुष्टि की कि चार सभी आरोपी सिल्लाघ्राट के रहने वाले हैं और उन्हें आज अदालत में पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नियमानुसार आगे की कार्यवाही जारी है। पुलिस टीम का नेतृत्व थाना प्रभारी सदर चंबा निरीक्षक रमन चौधरी कर रहा था।
पुलिस को मिली शिकायत के अनुसार 12 अक्टूबर को छपरी गाँव के निवासी टेक चंद पुत्र जगदेव ने जलेदा जंगल में गोवंश के अवशेष देखे और यह जानकारी घघरोता पंचायत के उपप्रधान अमरो को दी। उपप्रधान के साथ वह शाम को स्थल पर पहुँचे। उपप्रधान के बयान में बताया गया कि गोवंश का सिर धड़ से अलग पड़ा था और धड़ पर मांस अधूरा था; साथ ही एक लकड़ी का टोका भी मिला था। अंधेरे कारण वे यह स्पष्ट नहीं कर सके कि हत्या मानव द्वारा हुई या जंगली जानवर ने किया।
13 अक्टूबर को उपप्रधान, टेक चंद और कुछ अन्य ग्रामीणों ने फिर से स्थल का निरीक्षण किया। इस बार सिर नहीं मिला, परन्तु खाल और पूँछ मौजूद थीं, जिससे उन्हें गोवंश हत्या की आशंका हुई और पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना फैलने पर सिल्लाघ्राट में ग्रामीणों में रोष फैल गया और बड़ी संख्या में लोग स्थल पर पहुँचे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने स्थल का निरीक्षण, ग्रामीणों के बयानों का दर्ज और अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध मामला दर्ज करके जांच शुरू की।
बुधवार को चंबा बाजार में प्रदर्शन हुआ। अधिकांश दूकानों के अलावा केवल मेडिकल स्टोर खुला रहा। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय के मुख्य चौक में एकत्रित होकर नारेबाजी की और सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया। उन्होंने पुलिस से माँग की कि मामले में शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए।
पुलिस ने जांच के बाद चार आरोपियों को गिरफ्तार कर ले लिया है और एएसपी दिनेश शर्मा के अनुसार उन्हें जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा।
