नई दिल्ली। वियतनाम (Vietnam) का खूबसूरत पर्यटन स्थल ‘फु क्वोक द्वीप’ (‘Phu Quoc Island’) उस समय चीख-पुकार और मातम में बदल गया, जब भारतीय पर्यटकों (Indian Tourists) को ले जा रही एक तेज रफ्तार स्पीडबोट समुद्र में पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई, जिनमें 13 पुरुष और 2 महिलाएं शामिल हैं। हादसे का शिकार हुए ये पर्यटक दक्षिण भारत के मोबाइल डिस्ट्रीब्यूटर्स थे, जो मोबाइल कंपनी लावा इंटरनेशनल (Mobile company Lava International) की तरफ से आयोजित एक इंसेंटिव टूर पर वियतनाम गए थे।
“सब कुछ कुछ ही सेकेंडों में हो गया”
इस भयावह हादसे में बाल-बाल बचे तमिलनाडु के पलानी के रहने वाले निर्मल कुमार ने उस खौफनाक मंजर की दास्तान सुनाई। उन्होंने कहा, “हम करीब 39 लोग बोट पर लंच के लिए निकले थे। बोट पूरी तरह से बंद थी। हम अभी तट से आधा किलोमीटर भी दूर नहीं गए थे कि अचानक समुद्र में उठी एक बहुत ऊंची और जोरदार लहर हमारी बोट से टकराई। बोट पर वजन भी शायद ज्यादा था। कुछ ही सेकेंडों में पूरी बोट पानी में पलट गई।”
निर्मल कुमार ने आगे बताया, “क्योंकि मैं और मेरा दोस्त बोट के अगले हिस्से में बैठे थे, इसलिए जैसे ही बोट पलटी, हम किसी तरह बाहर निकलने में कामयाब रहे। हमारे साथ करीब 20 लोग पानी से बाहर आ गए, लेकिन जो लोग बोट के पिछले हिस्से में बैठे थे, वे बोट बंद होने के कारण अंदर ही फंस गए। बोट अथॉरिटी ने सुरक्षा के इंतजाम तो रखे थे, लेकिन लहर इतनी जोरदार थी कि संभलने का मौका ही नहीं मिला।”
बचाव कार्य में आई भारी मुश्किलें
वियतनाम कोस्ट गार्ड और स्थानीय प्रशासन को जैसे ही हादसे की खबर मिली, वे तुरंत मौके पर पहुंचे। रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल एक स्थानीय बोट ऑपरेटर ने बताया कि वह महज 5 मिनट में हादसे वाली जगह पर पहुंच गया था, लेकिन चूंकि स्पीडबोट चारों तरफ से बंद थी, इसलिए अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालना बेहद मुश्किल हो गया था। कई लोग अंदर ही बेहोश हो चुके थे।
वियतनाम कोस्ट गार्ड ने 2 हाई-स्पीड रेस्क्यू बोट और 40 से अधिक अधिकारियों को काम पर लगाया। बोट पर सवार कुल 36 लोगों में से 21 लोगों (17 यात्री और 4 क्रू मेंबर्स) को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिनमें से 2 की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
मृतकों में सबसे ज्यादा तमिलनाडु के लोग
वियतनाम में भारतीय दूतावास ने हादसे में जान गंवाने वाले 15 पर्यटकों की सूची जारी कर दी है। मृतकों में तमिलनाडु के 10 पर्यटक, आंध्र प्रदेश के 3 पर्यटक (रवि तेजा, मुदियम श्रीधर और गेल्ली जया लक्ष्मी)। केरल के 2 पर्यटक (केरल के कोट्टाराकारा के रहने वाले मशहूर कारोबारी ए.सी. थॉमस और उनकी पत्नी लोवेनी थॉमस)
परिवारों में पसरा सन्नाटा और मातम
इस हादसे की खबर जैसे ही भारत में पीड़ितों के परिवारों तक पहुंची, कोहराम मच गया। आंध्र प्रदेश के रहने वाले मृतक रवि तेजा के भाई ने बताया, “वह 8 जुलाई को ही कंपनी की तरफ से मिले इस ट्रिप पर वियतनाम गए थे। हमें फोन पर हादसे की खबर मिली है, लेकिन अभी भी दिल इस सच को स्वीकार नहीं कर पा रहा है।”
वहीं, एक अन्य पीड़ित मुदियम श्रीधर के परिवार ने कहा कि वे दो दिन में उनके घर लौटने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन अब सब कुछ खत्म हो चुका है। पीड़ित परिवारों ने सरकार से जल्द से जल्द पार्थिव शरीरों को भारत वापस लाने की गुहार लगाई है।
भारतीय दूतावास ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
वियतनाम में भारतीय दूतावास और हो ची मिन्ह सिटी में महावाणिज्य दूतावास स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर लगातार काम कर रहे हैं। प्रभावित परिवारों की मदद के लिए चौबीसों घंटे चालू रहने वाले कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं:
