इस्लामाबाद। भारत (India) में आतंकवाद (Terrorism) को बढ़ावा देने वाला पाकिस्तान (Pakistan) अब खुद ही दहशतगर्दी की आग में झुलस रहा है। बलूचिस्तान (Balochistan) और पीओके (PoJK) में लगातार आतंकी हमले हो रहे हैं। दक्षिण एशिया (South Asia) के देशों में पाकिस्तान एकमात्र ऐसा मुल्क है, जहां सबसे ज्यादा 250 आतंकवादी संगठन हैं। इन संगठनों के करीब 50 हजार आतंकी लगातार मौत बांट रहे हैं।
सुरक्षा विशेषज्ञ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के पूर्व डीजी एसपी वैद्य का कहना है, मौजूदा समय में पाकिस्तान ‘1971’ की राह पर है। ढाई दशक में 18,967 आतंकी घटनाएं, 23,078 नागरिक, 11,060 सुरक्षाकर्मी मारे गए साउथ एशिया टेररिज्म पोर्टल की ताजा रिपोर्ट बताती है कि पाकिस्तान में ढाई दशक में 18,967 ऐसी आतंकी घटनाएं हुई हैं, जिनमें 23,078 नागरिक और 11,060 सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं। आतंकियों -विद्रोहियों के मारे जाने का आंकड़ा 38,462 है। 2020 से जून 2026 तक आतंकी हमलों में 2,671 नागरिकों की जान चली गई तो वहीं 3,949 सुरक्षाकर्मी मारे गए।
घुसपैठ के मंसूबे क्यों नहीं हो पाते कामयाब?
वैद्य बताते हैं कि पाकिस्तानी आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर, घातक नीतियों पर चल रहे हैं। वहां मौजूद ढाई सौ आतंकी संगठन और लगभग पचास हजार दहशतगर्द, पाकिस्तान को ही आग में धकेल रहे हैं। पाक सीमा में दर्जनभर आतंकी लॉन्चिंग पैड बने हैं। हालांकि भारतीय सुरक्षा बलों की मुस्तैदी के चलते पाकिस्तानी आतंकियों द्वारा घुसपैठ के मंसूबे कामयाब नहीं हो रहे।
