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भारत में पेट्रोल के दाम बढ़े, जबकि पाकिस्तान में लगातार 5 बार कटौती, जानिए वजह?

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नई दिल्‍ली। भारत के लोगों को मई में लगातार चार बार पेट्रोल-डीजल की महंगाई का झटका लगा, जबकि पड़ोसी पाकिस्तान में मई-जून में लगातार पांचवीं बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती हुई है। भारत की राजधानी नई दिल्ली में पेट्रोल करीब ₹102 प्रति लीटर और डीजल ₹95 प्रति लीटर के आसपास बिक रहा है।

जबकि, पाकिस्तान में पेट्रोल वहां की करेंसी के हिसाब से 377.78 पाकिस्तानी रुपये और हाई स्पीड डीजल 378.78 पाकिस्तानी रुपये लीटर बिक रहा है। यानी भारतीय रुपये में 129 से 130 रुपये के बराबर। इस लिहाज से देखें तो पाकिस्तान में अब भी पेट्रोल-डीजल भारत के मुकाबले बहुत महंगे हैं।
ईरान युद्ध शुरू होने के बाद यानी 28 फरवरी 2026 के बाद से वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी उथल-पुथल देखने को मिली है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के चलते दुनिया के कई देशों में पेट्रोल और डीजल के दाम रिकॉर्ड स्तर तक बढ़ गए हैं। कच्चे तेल के दाम 126 डॉलर प्रति बैरल तक उछल गए।

उस समय भारत में जब पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर थे तब पाकिस्तान समेत दुनिया के अन्य देशों फ्यूल के दाम बेतहाशा बढ़ रहे थे। युद्ध के बीच भारत में चुनाव के चलते पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ रहे थे। चुनाव जैसे ही खत्म हुए, उसके कुछ दिन बाद ही मई में पेट्रोल में 7.5 प्रतिशत और डीजल में करीब 8.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इससे ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को रोजाना होने वाले 1000 करोड़ के नुकसान की कुछ हद तक भरपाई होने लगी।

इसके उलट पाकिस्ता में युद्ध शुरू होते ही पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने लगे थे। एक समय तो कीमत करीब 60 प्रतिशत तक बढ़ चुकी थी। अब चूंकि कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया है तो पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमतें कम होने लगी हैं, जबकि भारत में स्थिर हैं।
युद्ध के बाद से अब तक पाकिस्तान में पेट्रोल 46.3%

हाल के दिनों में पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार कटौती की है, लेकिन अब भी वहां पेट्रोल 46.3% और डीजल 38.1% महंगा है। इससे स्पष्ट है कि हालिया राहत के बावजूद आम उपभोक्ताओं पर ईंधन महंगाई का बोझ बना हुआ है।
भारत की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर

इन देशों की तुलना में भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में सीमित बदलाव हुए हैं। सरकार और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने वैश्विक कीमतों का पूरा बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं डाला, जिसके कारण भारत में ईंधन महंगाई का असर अपेक्षाकृत कम रहा।
ईरान युद्ध से पेट्रोल के दाम में सबसे अधिक उछाल वाले प्रमुख देश

म्यांमार: पेट्रोल +78.2%, डीजल +70.7%

यूएई: पेट्रोल +64.4%, डीजल +71.8%

फिजी: पेट्रोल +54.1%, डीजल +110.1%

पाकिस्तान: पेट्रोल +46.3%, डीजल +38.1%

श्रीलंका: पेट्रोल +45.6%, डीजल +48.0%

दक्षिण अफ्रीका: पेट्रोल +40.3%, डीजल +47.9%

ग्लोबल पेट्रोल प्राइसेज डॉट कॉम के लेटेस्ट डेटा के मुताबिक म्यांमार में पेट्रोल की कीमतों में 78.2% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो सूची में सबसे अधिक है। इसके बाद यूएई में 64.4%, फिजी में 54.1%, लेसोथो में 48% और रवांडा में 47.7% की बढ़ोतरी हुई है।
डीजल ने तोड़े सारे रिकॉर्ड

डीजल की कीमतों में सबसे बड़ा उछाल फिजी में देखा गया, जहां दाम 110.1% बढ़ गए। यानी महज कुछ महीनों में डीजल की कीमत दोगुनी से भी ज्यादा हो गई। यूएई में डीजल 71.8%, म्यांमार में 70.7%, तंजानिया में 60.4%, लेसोथो में 59.4%, पेरू में 57.2% और मलेशिया में 56.2% महंगा हुआ है।

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