इंदौर। केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर (Manohar Lal Khattar) ने शनिवार को मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) को एक बड़ी सौगात देते हुए यहां लगभग 2,935 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इंदौर-उज्जैन कॉरिडोर (गलियारे) (Indore-Ujjain Corridor) की नींव रखी। इस मौके पर उन्होंने कहा कि चार लेन वाली इस 48 किलोमीटर लंबी सड़क के बनने से राज्य के दोनों प्रमुख शहरों के बीच संपर्क बेहतर होगा और विकास को भी जबरदस्त गति मिलेगी।
उधर इस कॉरिडोर के भूमिपूजन के बाद इससे होने वाले फायदों की जानकारी देते हुए सीएम मोहन यादव ने कहा कि केंद्रीय मंत्री खट्टर के साथ आज इंदौर जिले के सांवेर में 48 कि.मी. लंबे इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड 4-लेन मार्ग का भूमिपूजन किया। यह फोरलेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर उज्जैन-सांवेर-इंदौर क्षेत्र के विकास का नया पर्याय बनेगा। साथ ही यह कॉरिडोर पीथमपुर एवं निमाड़ क्षेत्र को दिल्ली-मुंबई इकोनॉमिक कॉरिडोर से भी जोड़ेगा।’
अधिकारियों ने बताया कि 48 किलोमीटर लंबा इंदौर-उज्जैन गलियारा, इंदौर के पितृ पर्वत क्षेत्र से शुरू होकर उज्जैन के चिंतामण गणेश मंदिर के पास सिंहस्थ बायपास तक पहुंचेगा। उन्होंने बताया कि इस मार्ग से 2028 के दौरान उज्जैन में लगने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को भी सुविधा होगी।
इस कॉरिडोर के भूमिपूजन का कार्यक्रम इंदौर जिले के सांवेर क्षेत्र में रखा गया था और यहां आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर से दोनों शहरों के बीच की दूरी कम होगी और उनका रिश्ता और प्रगाढ़ तथा मजबूत होगा।’ इस कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने मध्यप्रदेश को केंद्र सरकार की ओर से अलग-अलग क्षेत्रों में कुल 5,657 करोड़ रुपए की मदद देने की जानकारी भी दी, जिसमें लाभार्थियों को आवास और स्वरोजगार के लिए प्रदान की गई राशि शामिल है।
इसके अलावा केंद्रीय मंत्री ने शनिवार को उज्जैन में सीएम मोहन यादव के साथ ‘सिंहस्थ-2028’ की तैयारियों की समीक्षा भी की। इस अवसर पर उन्होंने सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुव्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित करने के लिए लगभग 778 करोड़ रुपए की लागत से बनाए जा रहे 29.15 किलोमीटर लंबे नवीन घाटों के निर्माण कार्यों की प्रगति को भी देखा।
इसके साथ ही उन्होंने कान्ह डायवर्शन क्लोज डक्ट परियोजना का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा भी की। इस दौरान परियोजना के टनल खंड में उतरकर वहां हो रहे कामों को बिल्कुल करीब से देखा तथा संबंधित अधिकारियों को गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और निर्धारित समय-सीमा का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करते हुए कार्यों को गति देने के निर्देश दिए।
बता दें कि कान्ह डायवर्शन परियोजना के अंतर्गत कान्ह नदी पर एक बैराज का निर्माण किया जा रहा है। इसके माध्यम से दूषित जल ‘शिप्रा नदी’ में नहीं मिलेगा और उसे एक क्लोज डक्ट द्वारा लगभग 30 किमी दूर गंभीर बांध के डाउनस्ट्रीम में छोड़ा जाएगा। इस मौके पर सीएम ने कहा कि सिंहस्थ-2028 में आने वाले सभी श्रद्धालु शिप्रा के शुद्ध जल में स्नान करें, इसके लिए हमारी सरकार संकल्पित है।
अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और सीएम मोहन यादव की मौजूदगी में इस अवसर पर प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत कुल 2,548 करोड़ रुपए की लागत वाले 42,000 से ज्यादा आवासों के निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी किया गया। इसके साथ ही, 992 करोड़ रुपए की लागत से बने 38 हजार से ज्यादा मकानों में लाभार्थियों का सांकेतिक गृह प्रवेश भी कराया गया। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में ‘अमृत 2.0 योजना’ के अंतर्गत 446 करोड़ रुपए की लागत वाली 116 परियोजनाओं का लोकार्पण और 310 करोड़ रुपए की लागत वाली 37 परियोजनाओं का भूमिपूजन भी किया गया।
उधर इस भूमिपूजन समारोह में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि इंदौर-उज्जैन ‘ग्रीनफील्ड कॉरिडोर’ से राज्य में विकास की रफ्तार तेज होगी। यादव ने कहा कि यह गलियारा इंदौर-पीथमपुर आर्थिक गलियारे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे तक पहुंच के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराएगा जिससे आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
