
नई दिल्ली, 02 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। पाकिस्तान द्वारा आईसीसी पुरुष टी-20 विश्व कप 2026 में भारत के खिलाफ मैच न खेलने की खबरों पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर, राजीव शुक्ला, मणिकम टैगोर, टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद और पूर्व क्रिकेटर मदान लाल समेत कई नेताओं ने इसे खेल भावना के खिलाफ बताते हुए बीसीसीआई से सख्त रुख अपनाने की मांग की है।
शशि थरूर ने कहा कि खेल को राजनीति से जोड़ना बेहद शर्मनाक है। क्रिकेट जैसे खेल का मकसद लोगों को जोड़ना होना चाहिए, लेकिन इस तरह की राजनीति ने इसे विभाजन का साधन बना दिया है। आईसीसी को तुरंत हस्तक्षेप कर इस विवाद को खत्म करना चाहिए और क्रिकेट को एकता का माध्यम बनाए रखना चाहिए।
राजीव शुक्ला ने बताया कि आईसीसी ने पत्र जारी कर खेल भावना पर बातचीत की है और बीसीसीआई इस पर आईसीसी से चर्चा के बाद ही टिप्पणी करेगा। खेल को राजनीति से दूर रखना ही सही रास्ता है।
मणिकम टैगोर ने कहा कि क्रिकेट पर राजनीति लंबे समय से होती रही है। बोर्ड और सरकार को सही निर्णय लेना चाहिए ताकि दोनों देशों के बीच तनाव और न बढ़े।
कीर्ति आजाद ने पाकिस्तान पर तंज कसते हुए कहा कि पाकिस्तान को पता है वह भारत से जीत नहीं सकता, इसलिए उसने बहिष्कार का रास्ता चुना।
प्रियंका चतुर्वेदी ने भी कहा कि पाकिस्तान ने जुर्माना और दंड झेलने का जोखिम उठाकर भी भारत से खेलने से इनकार किया है।
मदान लाल ने कहा कि पाकिस्तान अपनी ही क्रिकेट को नुकसान पहुंचा रहा है और यह निर्णय सही सोच का नहीं है।
इमरान मसूद ने कहा कि भारत को शुरू से ही पाकिस्तान के खिलाफ खेलने से इनकार करना चाहिए था।
उज्ज्वल रमण सिंह ने कहा कि भारत को वैश्विक स्तर पर यह मुद्दा उठाना चाहिए था।
गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि पाकिस्तान भारत की मजबूत टीम से खेलने योग्य नहीं है।
राजकुमार शर्मा ने कहा कि यह पाकिस्तान का दुर्भाग्यपूर्ण और राजनीतिक निर्णय है, जिससे उस देश के क्रिकेट और खिलाड़ियों को नुकसान होगा।
