
भोपाल, 01 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। इस प्रदेश के कई हिस्सों में कोहरे और ठंड के बीच रविवार को बारिश दर्ज की गई। ग्वालियर, मुरैना और धार जिलों में बारिश हुई, जबकि मौसम विभाग ने श्योपुर और मुरैना में ओलावृष्टि की संभावना जताई है। आंधी की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है। अगले चार दिनों तक प्रदेश में मावठा गिरने के संकेत हैं।
मौसम विभाग ने भिंड, दतिया, श्योपुर, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा और राजगढ़ में आंधी और बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। वहीं भोपाल, इंदौर, सागर, विदिशा, उज्जैन और रतलाम में बादल छाए रहने की संभावना बनी हुई है। इससे पहले छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में सुबह के समय मध्यम कोहरा देखा गया। भोपाल और इंदौर में भी कोहरे का असर रहा।
मौसम पूर्वानुमान
2 फरवरी को ग्वालियर, भोपाल, मुरैना, भिंड, दतिया, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, सागर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। 3 फरवरी को भी कई जगह बारिश के आसार हैं। 4 फरवरी को छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज में बारिश का अलर्ट रहेगा, जबकि कुछ जिलों में मध्यम से घना कोहरा छाए रहने की संभावना है।
पश्चिमी विक्षोभ और जेट स्ट्रीम का प्रभाव
मौसम विभाग के अनुसार, सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण प्रदेश में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। 2 से 5 फरवरी के बीच इसका प्रभाव अधिक रहेगा और 10 फरवरी तक कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है। जेट स्ट्रीम हवाओं की वजह से ठंडी हवाएं चल रही हैं, जिससे दिन के तापमान में गिरावट हो रही है।
सिस्टम के लौटने पर फिर बढ़ेगी ठंड
पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी और बारिश के बाद जब यह सिस्टम वापस लौटेगा, तब मध्य प्रदेश में ठंड का एक और दौर शुरू हो सकता है। दिन और रात के तापमान में और गिरावट के आसार हैं। शनिवार को ग्वालियर, रीवा और दतिया में घना कोहरा रहा, जबकि प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में मध्यम कोहरा छाया रहा। न्यूनतम तापमान के लिहाज से छतरपुर का खजुराहो सबसे ठंडा रहा, जहां तापमान 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी भी देखी गई। मौसम विभाग के अनुसार, फरवरी के पहले सप्ताह में पश्चिमी विक्षोभ का असर बना रहेगा और 2 व 5 फरवरी को नए सिस्टम सक्रिय हो सकते हैं। इनके गुजरने के बाद प्रदेश में ठंड का एक और दौर आने की संभावना है।
