
सिलीगुड़ी, 31 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को सिलीगुड़ी में आयोजित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता सम्मेलन में पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और उसके शीर्ष नेतृत्व पर तीखा हमला बोला। उन्होंने भर्ती घोटाले, गौ-तस्करी और राजनीतिक हिंसा जैसे मुद्दों को उठाते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सीधी चुनौती दी।
जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि यदि ममता बनर्जी सच में भ्रष्टाचार के खिलाफ हैं, तो उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव में आपराधिक मामलों में आरोपित अपने 23 नेताओं को टिकट नहीं देना चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर आप भ्रष्टाचार का समर्थन नहीं करती हैं, तो अपने 23 आरोपित नेताओं को टिकट मत दीजिए, तभी आपकी पारदर्शिता पर विश्वास किया जाएगा।”
इसके बाद शाह ने कटाक्ष करते हुए कहा कि ममता बनर्जी ऐसा नहीं करेंगी, क्योंकि टिकट नहीं देने पर वे लोग ‘भाइपो’ यानी अभिषेक बनर्जी का नाम उजागर कर देंगे।
राज्य में भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ राजनीतिक हिंसा का मुद्दा उठाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री आक्रामक नजर आए। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के गुंडों ने अब तक भाजपा के 60 कार्यकर्ताओं की हत्या की है। अमित शाह ने सवाल किया, “क्या उत्तर बंगाल के कार्यकर्ता इसे बर्दाश्त करेंगे?”
उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस सरकार को जड़ से उखाड़ फेंकना होगा।
अमित शाह ने कहा कि देश के 21 राज्यों में भाजपा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकारें हैं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तब तक संतुष्ट नहीं होंगे, जब तक पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार नहीं बनती। उन्होंने कहा कि बंगाल में परिवर्तन का समय आ चुका है और जनता बदलाव चाहती है।
तृणमूल कांग्रेस के ‘मां–माटी–मानुष’ नारे को लेकर अमित शाह ने कहा कि मौजूदा सरकार में महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस नारे के साथ तृणमूल सत्ता में आई थी, उसी शासनकाल में महिलाएं असुरक्षित हो गई हैं।
अमित शाह ने कहा कि राज्य में घुसपैठियों का कब्जा लगातार बढ़ रहा है, जमीनों पर अवैध कब्जे हो रहे हैं और आम लोग सिन्डिकेट राज से त्रस्त हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल सरकार के संरक्षण में भ्रष्टाचार और अपराध फल-फूल रहे हैं।
अपने संबोधन के अंत में केंद्रीय गृह मंत्री ने भाजपा कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर संघर्ष करने और 2026 के चुनाव में पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनाने का आह्वान किया।
