
भोपाल, 01 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस लगातार सवाल उठा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ ने एक बार फिर पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए निर्वाचन आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि आयोग ने बड़े दावों के साथ शुरुआत की थी कि यह मतदाता सूची का शुद्धिकरण किया जाएगा लेकिन अब यह साफ़ हो गया है कि SIR “पूरी तरह विफल” साबित हुई है।
कमलनाथ ने शनिवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर ट्वीट करते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग ने बड़े-बड़े दावों के साथ कहा था कि SIR के जरिए वह मतदाता सूचियों का शुद्धिकरण कर रहा है। लेकिन अब यह स्पष्ट है कि SIR अपने काम में पूरी तरह विफल रही है। पहले तो प्रदेश में यह तथ्य सामने आया कि हज़ारों लोगों के नाम काटने के लिए फ़र्ज़ी तरीके से आवेदन किया गया है।
उन्होंने आगे कहा कि अब यह बात भी सामने आ गई है कि एक ही व्यक्ति के नाम से दर्जनों लोगों के नाम काटने के आवेदन भेजे गए और उस व्यक्ति को ऐसे किसी आवेदन की जानकारी ही नहीं है। हमारे नेता राहुल गांधी ने शुरुआत से ही कहा है कि SIR वोट चोरी का खुला षड्यंत्र है। सारी प्रक्रिया जनता को परेशान करने और भारत के सम्मानित नागरिकों को प्रताड़ित करने के उद्देश्य से चलाई गई। जनता के सामने यह ढोंग रचा गया कि मतदाता सूचियों का शुद्धिकरण किया जा रहा है। जबकि पिछले दरवाज़े से ऐसे लूप होल छोड़ दिए गए जहाँ से सत्ताधारी पार्टी अपनी मर्ज़ी के मुताबिक़ मतदाताओं का चयन कर सके।
कमलनाथ ने सवाल करते हुए कहा कि जब निर्वाचन आयोग का BLO एक-एक घर जाकर SIR के दौरान मतदाताओं की जाँच परख चुका है, तो उसके बाद किसी ग़ैर सरकारी व्यक्ति द्वारा किसी मतदाता का नाम काटने की सिफ़ारिश करने की क्या तुक है? उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि इसका सीधा मतलब है कि निर्वाचन आयोग को ख़ुद ही SIR की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर भरोसा नहीं है और वह जानबूझकर एक पार्टी विशेष को लाभ पहुँचाने के लिए इस तरह के प्रावधान कर रहा है।
