नई दिल्ली। देशभर में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून (Southwest Monsoon) की चाल फिलहाल सुस्त बनी हुई है. मौसम प्रणाली के अनुसार पश्चिमी तट पर मॉनसून का आगे बढ़ना पिछले 11 दिनों से रुका हुआ है, जबकि पूर्वी भारत (Eastern India) में भी इसकी प्रगति काफी धीमी दर्ज की जा रही है. हालांकि मौसम वैज्ञानिकों ने संकेत दिए हैं कि 23–24 जून के आसपास मौसम परिस्थितियां अनुकूल हो सकती हैं, जिससे मॉनसून की आगे की प्रगति फिर से तेज हो सकती है.
वर्तमान में देश के मैदानी इलाकों में मौसमी ट्रफ पंजाब से बिहार तक हरियाणा और उत्तर प्रदेश होते हुए सक्रिय है, जो उत्तर भारत में मौसम गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है। वहीं एक पश्चिमी विक्षोभ मध्य और ऊपरी वायुमंडलीय स्तर पर सक्रिय है, जिसका असर उत्तरी राज्यों पर देखा जा रहा है.
इसके अलावा उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश (North-West Uttar Pradesh) और गुजरात-दक्षिण-पूर्व राजस्थान के आसपास अलग-अलग ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं. एक अन्य ट्रफ मध्य महाराष्ट्र और कोंकण होते हुए पूर्व-मध्य अरब सागर तक फैला हुआ है, जिससे पश्चिमी तटीय क्षेत्रों में मौसम अस्थिर बना हुआ है।
मौसम एजेंसी स्काईमेट के पूर्वानुमान के अनुसार आज केरल, अंदरूनी तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और असम के कुछ हिस्सों में भारी बारिश (Heavy rain) के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. इसके अलावा उत्तर भारत के कुछ राज्यों में धूल भरी आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.
पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली में धूल भरी आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में अस्थायी गिरावट आ सकती है।
