
रायपुर, 31 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ में आज धान खरीद की प्रक्रिया का अंतिम दिन है। यह प्रक्रिया पिछले साल 15 नवंबर को प्रारंभ हुई थी। किसानों को समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए ढाई महीने का समय दिया गया। जानकारी के अनुसार, जिन किसानों ने धान बेचने के लिए टोकन प्राप्त कर लिया है, वे आज अपने धान को उपार्जन केंद्रों में बेच सकेंगे।
सरकारी सूत्रों का कहना है कि समर्थन मूल्य के अंतर्गत पूरी प्रक्रिया को सरल, सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाया गया, जिससे किसानों को किसी भी प्रकार की समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ा। धान विक्रय के लिए टोकन ऑफलाइन तरीके से जारी किया गया था, फिर भी उपार्जन केंद्र में सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चलती रहीं। यह स्पष्ट करता है कि डिजिटल प्रणाली के साथ-साथ उन किसानों के लिए भी प्रभावी वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जो ऑनलाइन प्रक्रियाओं से पूरी तरह परिचित नहीं हैं।
उपार्जन केंद्र में किसानों के लिए उचित बैठने की व्यवस्था, पेयजल एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध थीं। डिजिटल कांटे से सटीक तौल, सुव्यवस्थित प्रबंधन तथा भीड़-भाड़ से मुक्त वातावरण ने इस पूरी प्रक्रिया को विश्वसनीय और किसान अनुकूल बना दिया। अपने अनुभव साझा करते हुए किसान हीरालाल ने कहा कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार धान विक्रय प्रक्रिया अधिक सहज और तनावमुक्त रही।
