लहजे से नहीं, लगन से बनती है पहचान : मृणाल ठाकुर
रोशनी से भरे इस दौर में कुछ चेहरे ऐसे होते हैं, जो सिर्फ पर्दे पर नहीं, दिलों में बस जाते हैं। मृणाल ठाकुर उन्हीं में से एक हैं, जिनकी आंखों में सपनों की चमक है और मुस्कान में संघर्ष की कहानी। छोटे पर्दे की सादगी भरी शुरुआत से लेकर बड़े परदे की दमदार मौजूदगी तक, उनका हर कदम जुनून और आत्मविश्वास की मिसाल रहा है।
टीवी शो 'मुझसे कुछ कहती... ये खामोशियां' और 'कुमकुम भाग्य' से पहचान बनाने वाली मृणाल ने जब फिल्मों की दुनिया में कदम रखा, तो संवेदनशील फिल्म 'लव सोनिया' से अपने अभिनय की गहराई का एहसास कराया। इसके बाद 'सुपर 30', 'बटला हाउस', 'तूफान' और 'जर्सी' में उनकी मौजूदगी ने साबित किया कि वह सिर्फ एक अभिनेत्री नहीं, बल्कि हर किरदार को जीने वाली कलाकार हैं। साउथ सिनेमा में 'सीता रामम' और हाय नन्ना ने उन्हें पैन-इंडिया पहचान दिलाई। अब प्यार के इस खास मौसम में वह अपनी नई फिल्म 'दो दीवाने सह...









