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पॉलिटिक्स

न चर्चा, न बहस…. लोकसभा में जन्म-मृत्यु संशोधन विधेयक सिर्फ 3 मिनट में पारित

न चर्चा, न बहस…. लोकसभा में जन्म-मृत्यु संशोधन विधेयक सिर्फ 3 मिनट में पारित

पॉलिटिक्स, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। न चर्चा, न बहस, बस तीन मिनट और विपक्ष के हंगामे के बीच महत्वपूर्ण जन्म-मृत्यु पंजीकरण संशोधन विधेयक (Birth and Death Registration Amendment Bill) पर लोकसभा (Lok Sabha) की मुहर लग गई। इसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष ने एक दूसरे पर संसदीय परंपरा (Parliamentary tradition) को मटियामेट करने के आरोप लगाए। इससे एक दिन पहले राष्ट्रीय गीत वंदेमातरम को राष्ट्रगान की तरह कानूनी संरक्षण और दर्जा देने वाला विधेयक भी बिना किसी चर्चा के महज पांच मिनट में पारित हो गया। विपक्ष के हंगामे के बीच गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने विधेयक को पारित करने का प्रस्ताव रखा। आसन पर कार्यवाही संचालन कर रहे दिलीप सैकिया ने चर्चा के लिए एक-एक कर सदस्यों के नाम पुकारे। दिलचस्प यह है कि न तो सत्ता पक्ष और न ही विपक्ष के सदस्य ने चर्चा में दिलचस्पी दिखाई। इसके बाद महज तीन मिनट में विधेयक को ध्वनिमत से लोकसभा की...
LS की सीटें 850 करने की तैयारी पर शशि थरूर ने जताई चिंता, बोले- लोकतंत्र को खोखला कर देगी नई न्यवस्था

LS की सीटें 850 करने की तैयारी पर शशि थरूर ने जताई चिंता, बोले- लोकतंत्र को खोखला कर देगी नई न्यवस्था

पॉलिटिक्स, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। केंद्र सरकार (Central government) देश में नए परिसीमन (Delimitation) के तहत लोकसभा सदस्यों की संख्या 543 से बढ़ाकर लगभग 824 से 850 करने की तैयारी में है। इसके लिए संसद में एक महत्वपूर्ण संविधान संशोधन विधेयक (Constitution Amendment Bill) लाने की भी तैयारी कर रही है, जिसके लिए सत्ता पक्ष को लोकसभा (Lok Sabha) में बिल पर वोटिंग में शामिल होने वाले सांसदों की संख्या में से दो तिहाई के समर्थन की आवश्यक्ता होगी। इन तमाम अटकलबाजियों के बीच केरल से आने वाले कांग्रेस सांसद शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने एक अंग्रेजी अखबार में लेख लिखकर कहा है कि यह नई व्यवस्था भारत के लोकतंत्र को खोखला कर देगी। थरूर ने चेतावनी दी है कि संसद का अत्यधिक विस्तार भारत के संस्थागत ढांचे के लिए एक विनाशकारी मोड़ साबित हो सकता है। थरूर का मानना है कि सरकार का तर्क है कि 1972 के बाद...
लोकसभा में पास होने के बाद आज राज्यसभा में पेश होगा ‘एंटी-पेपर लीक बिल….

लोकसभा में पास होने के बाद आज राज्यसभा में पेश होगा ‘एंटी-पेपर लीक बिल….

पॉलिटिक्स, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। लोकसभा (Lok Sabha) में हंगामे के बीच पास होने के बाद, अब मोदी सरकार (Modi Government) गुरुवार यानी आज 30 जुलाई को 'लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026' (Public Examinations -Prevention of Unfair Means- Amendment Bill, 2026) राज्यसभा (Rajya Sabha) में पेश करने जा रही है। देशभर में छात्रों के भारी विरोध प्रदर्शन के बाद लाए गए इस नए और सख्त संशोधन विधेयक पर आज पूरे देश की निगाहें टिकी हैं। बुधवार को विपक्ष के भारी हंगामे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के कड़े तेवरों के बावजूद सरकार ने इसे लोकसभा से ध्वनि मत से पारित करा लिया। अब सवाल यह है कि क्या उच्च सदन यानी राज्यसभा में सरकार को इस बिल को पास कराने में कोई अड़चन आएगी? आइए समझते हैं राज्यसभा का ताजा 'नंबर गेम'। राज्यसभा का नंबर गेम: क्या आसानी से पास होगा बिल?राज्यसभा की कुल संख्या 245 है, हालांकि अभी 242 स...
अकाल तख्त की एडवाइजरी: ‘गुरुद्वारों में योग सत्र न कराएं’, जत्थेदार कुलदीप सिंह गरगज ने बताई वजह

अकाल तख्त की एडवाइजरी: ‘गुरुद्वारों में योग सत्र न कराएं’, जत्थेदार कुलदीप सिंह गरगज ने बताई वजह

पॉलिटिक्स, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। अकाल तख्त के कार्यवाहक जत्थेदार कुलदीप सिंह गरगज ने गुरुद्वारों में योग सत्र आयोजित किए जाने पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि सिख धर्म की परंपरा और सिद्धांतों में गुरुद्वारों के भीतर योग का कोई स्थान नहीं है। इसी के साथ उन्होंने सभी गुरुद्वारा प्रबंधन समितियों से अपील की है कि वे गुरुद्वारा परिसर, लंगर हॉल और दीवान हॉल में योग कार्यक्रमों की अनुमति न दें। सिख युवाओं की शिकायत के बाद जारी की सलाह मंजी साहिब दीवान हॉल में आयोजित सुबह की सभा को संबोधित करते हुए जत्थेदार गरगज ने बताया कि हाल के दिनों में कई सिख युवाओं ने उनसे शिकायत की थी कि कुछ गुरुद्वारों में योग सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों में प्रतिभागियों से विभिन्न योगासन और श्वास संबंधी अभ्यास कराए जा रहे थे, जिसे लेकर समुदाय के भीतर चिंता व्यक्त की गई। घर पर व्यायाम करने पर नहीं है आपत्ति जत्थेदार...
कंगना ने राहुल गांधी पर किया तीखा हमला, कहा -‘खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे’ जैसा काम…

कंगना ने राहुल गांधी पर किया तीखा हमला, कहा -‘खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे’ जैसा काम…

पॉलिटिक्स, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। बीजेपी सांसद कंगना रनौत (BJP MP Kangana Ranaut) सोमवार को मॉनसून सत्र (Monsoon Session) में शामिल होने के लिए लोकसभा (Lok Sabha) पहुंचीं। इस दौरान कंगना ने यूपीए सरकार के दौरान एजुकेशन पर किए गए खर्च और पेपर लीक से जुड़ा परीक्षा संशोधन बिल पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने दुनिया के लिए एक बहुत बड़ा उदाहरण पेश किया है। कंगना ने कहा 'हमारे प्रधानमंत्री जी ने ये पूरी दुनिया के लिए बहुत बड़ा उदाहरण पेश किया है। ऐसे नेता जो इतने समर्पित हैं हर छोटे से लेकर बड़े मुद्दे के लिए वे जिस तरह से देशवासियों के लिए समर्पित हैं ये पूरे विश्व के लिए प्रेरणा है। आपने देखा उन्होंने जिस तरह से कमेटी गठित की है और हाई पावर पैक्ट बनाया है जो कि परीक्षाओं के लिए काम करेगा और इसको भ्रष्टाचार मुक्त बनाएगा। चाहे परीक्षा का यह संशोधन बिल...
3 दशक बाद कावेरी जल विवाद पर चर्चा की तैयारी…..तमिलनाडु-कर्नाटक के मुख्यमंत्रियों के बीच जल्द होगी बैठक

3 दशक बाद कावेरी जल विवाद पर चर्चा की तैयारी…..तमिलनाडु-कर्नाटक के मुख्यमंत्रियों के बीच जल्द होगी बैठक

पॉलिटिक्स, राज्य, राष्ट्रीय
चेन्नई। तमिलनाडु (Tamil Nadu) के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय (Chief Minister C. Joseph Vijay) और कर्नाटक (Karnataka) के मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार (Chief Minister D.K. Shivakumar) के बीच जल्द ही एक बैठक हो सकती है। कावेरी जल विवाद (Kaveri Water Dispute) को लेकर बुलाई गई यह बैठक काफी चर्चा में है। दरअसल मुख्यमंत्री थलपति विजय का यह कदम तमिलनाडु के तीन दशक पुराने रुख से बिल्कुल अलग है। इससे पहले तमिलनाडु हमेशा से बातचीत के बजाय अदालती फैसलों और ट्रिब्यूनल पर भरोसा करता आया है और राज्य के मुख्यमंत्री सीधी बातचीत से दूर ही रहे हैं। लेकिन अब विजय लीक से हटकर राह पकड़ रहे हैं। तमिलनाडु का मानना रहा है कि कावेरी विवाद दो मुख्यमंत्रियों की मेज पर बैठकर नहीं सुलझ सकता। हालांकि सीएम विजय सीधे संवाद का रास्ता अपना रहे हैं। विजय ने पानी के संकट को हल करने के लिए शिवकुमार के साथ 31 जुलाई से 3 अगस्त के...
उद्घाटन के 12 दिन बाद ही लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर धंसी सड़क, वायरल वीडियो के बाद निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल

उद्घाटन के 12 दिन बाद ही लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर धंसी सड़क, वायरल वीडियो के बाद निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल

पॉलिटिक्स, राष्ट्रीय
उन्नाव। उत्तर प्रदेश के बहुप्रतीक्षित लखनऊ-कानपुर ग्रीनफील्ड नेशनल एलिवेटेड एक्सप्रेसवे के एक हिस्से में उद्घाटन के महज 12 दिन बाद सड़क धंसने की घटना सामने आई है। लगातार बारिश के बीच उन्नाव जिले में एक्सप्रेसवे के क्षतिग्रस्त होने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद निर्माण की गुणवत्ता को लेकर बहस तेज हो गई है। हालांकि निर्माण एजेंसी का कहना है कि प्रभावित हिस्से की तत्काल मरम्मत कर दी गई है। उन्नाव के कोरारी क्षेत्र में धंसी सड़क जानकारी के अनुसार, घटना उन्नाव जिले के कोरारी क्षेत्र के पास हुई। कानपुर से लखनऊ जाने वाली लेन पर करीब 5 से 7 मीटर लंबा हिस्सा धंस गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक लगातार बारिश के कारण सड़क के नीचे की मिट्टी खिसकने से यह नुकसान हुआ। सपा नेता ने वीडियो साझा कर उठाए सवाल समाजवादी पार्टी के नेता मधुसूदन यादव ने घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर...
अभिजीत दीपके अभी कहां हैं? घर वापसी पर सस्पेंस, सुरक्षा देने की उठी मांग

अभिजीत दीपके अभी कहां हैं? घर वापसी पर सस्पेंस, सुरक्षा देने की उठी मांग

पॉलिटिक्स, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर हुए बड़े प्रदर्शन और उसके बाद देशभर में छिड़ी राजनीतिक हलचल के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रमुख चेहरे अभिजीत दीपके एक बार फिर चर्चा में हैं। प्रदर्शन के दौरान लगातार सक्रिय रहे दीपके फिलहाल टाइफाइड से पीड़ित हैं और अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। इसी बीच उनके घर नहीं लौटने की खबरों ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। महाराष्ट्र सरकार से सुरक्षा देने की मांग महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और शिवसेना नेता संजय शिरसाट ने अभिजीत दीपके और उनके परिवार को सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि दीपके के अगले दो-तीन दिनों में महाराष्ट्र लौटने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि दीपके के वापस आते ही वह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर उनके लिए सरकारी सुरक्षा उपलब्ध कराने का अनुरोध करेंगे, ताकि उनकी सुरक्षा को लेकर किस...
पॉलिटिक्स, राष्ट्रीय
NEET पेपर लीक आंदोलन पर विदेशी सोशल मीडिया नेटवर्क की जांच, 20 हजार से अधिक संदिग्ध अकाउंट रडार पर नई दिल्ली। नीट पेपर लीक को लेकर देशभर में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच जांच एजेंसियां सोशल मीडिया पर सक्रिय संदिग्ध विदेशी नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में पाकिस्तान और बांग्लादेश से संचालित बताए जा रहे 20 हजार से अधिक संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान की गई है। इन अकाउंट्स की गतिविधियों और इनके जरिए साझा किए गए कंटेंट की जांच जारी है। कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जांच के दायरे में सूत्रों के मुताबिक, ये संदिग्ध अकाउंट इंस्टाग्राम, एक्स (पूर्व में ट्विटर), फेसबुक, स्नैपचैट समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय पाए गए हैं। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इनका इस्तेमाल ऑनलाइन नैरेटिव को प्रभावित करने और आंदोलन से जुड़ी सामग्री को व्यापक स्तर पर प्...
पैलेट गन क्या होती है? कब और किन परिस्थितियों में होता है इसका इस्तेमाल, क्या कहते हैं नियम

पैलेट गन क्या होती है? कब और किन परिस्थितियों में होता है इसका इस्तेमाल, क्या कहते हैं नियम

पॉलिटिक्स, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। हाल के छात्र प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के कथित इस्तेमाल को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान एक छात्र पैलेट गन के छर्रों से घायल हुआ है। दूसरी ओर दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उसके पास पैलेट गन नहीं है और प्रदर्शन के दौरान ऐसे किसी हथियार का इस्तेमाल नहीं किया गया। इस विवाद के बीच यह जानना जरूरी है कि पैलेट गन क्या होती है, इसका इस्तेमाल किन परिस्थितियों में किया जाता है और भारत में इसके उपयोग को लेकर क्या नियम हैं। क्या होती है पैलेट गन? पैलेट गन एक कम-घातक (Less Lethal) हथियार मानी जाती है, जिससे फायर करने पर एक साथ बड़ी संख्या में छोटे-छोटे धातु के छर्रे (पैलेट) निकलते हैं। ये छर्रे तेज गति से फैलते हैं और एक निश्चित दूरी के बाद अलग-अलग दिशाओं में बिखर जाते हैं। इसी कार...