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अंतरराष्ट्रीय

PM मोदी की जिनपिंग को दो टूक… बोले- सीमा पर शांति होगी .. तभी आगे बढ़ेंगे रिश्ते…

PM मोदी की जिनपिंग को दो टूक… बोले- सीमा पर शांति होगी .. तभी आगे बढ़ेंगे रिश्ते…

अंतरराष्ट्रीय
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने पिछले सप्ताह ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit) से इतर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Chinese President Xi Jinping) के साथ हुई मुलाकात के दौरान चीन के साथ संबंधों को लेकर भारत (India) की चिंताओं को स्पष्ट रूप से सामने रखा। भारत सरकार के अनुसार, मोदी ने कहा कि दोनों देशों को एक-दूसरे की मूल चिंताओं के प्रति संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात के संबंध में विदेश मंत्रालय चीनी पक्ष की ओर से जारी बयान पर पूछे गए सवाल का जवाब दिया। चीनी बयान में मोदी के हवाले से कहा गया था कि तिब्बत और ताइवान को लेकर भारत की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है और भारत अपनी धरती पर किसी को भी चीन विरोधी गतिविधियां संचालित करने की अनुमति नहीं देता। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवा...
भारतीय छात्रों के लिए न्यूजीलैंड ने खोले दरवाजे…. पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा नियमों में किया बदलाव

भारतीय छात्रों के लिए न्यूजीलैंड ने खोले दरवाजे…. पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा नियमों में किया बदलाव

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक, राष्ट्रीय
वेलिंगटन। न्यूजीलैंड (New Zealand) ने भारतीय छात्रों (Indian Students) के लिए पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा नियमों (Post-Study Work Visa Rules) में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। न्यूजीलैंड के आव्रजन मंत्रालय ने 15 सितंबर 2026 को नए अल्पकालिक स्नातक कार्य वीजा की घोषणा की है। यह वीजा 16 नवंबर 2026 से लागू होगा। इसके तहत पात्र अंतरराष्ट्रीय स्नातकों को छह महीने तक खुले तौर पर काम करने का अधिकार मिलेगा। यह नया वीजा उन छात्रों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होगा जो पढ़ाई पूरी करने के बाद तत्काल लंबे समय के पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा के पात्र नहीं होते। इसका मुख्य उद्देश्य ऐसे छात्रों को नौकरी तलाशने और रोजगार हासिल करने के लिए छह महीने का समय देना है। इस अवधि में वे मान्यता प्राप्त नियोक्ता कार्य वीजा जैसे दीर्घकालिक विकल्पों की ओर बढ़ सकेंगे। 16 नवंबर से एक और महत्वपूर्ण बदलाव भी लागू होगा। इसके तहत न्यूज...
पश्चिम एशिया में चल रही जंग से पाकिस्तान की हालत हुई खराब… बनी लॉकडाउन वाली स्थिति!

पश्चिम एशिया में चल रही जंग से पाकिस्तान की हालत हुई खराब… बनी लॉकडाउन वाली स्थिति!

अंतरराष्ट्रीय
इस्लामाबाद। पश्चिम एशिया (West Asia) में चल रही जंग से पाकिस्तान (Pakistan) बेदम हो चुका है। महीनों से जंग में चौधरी बनने की कोशिश कर रहे पाकिस्तान (Pakistan) के हाथ कुछ नहीं लग पाया और अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध (America and Iran War) अब भी जारी है। बीते सप्ताह क्षेत्र में तनाव तब बढ़ गया जब सऊदी अरब (Saudi Arabia) और हूती विद्रोहियों के बीच भी जंग शुरू हो गई है। ऐसे में तेल संकट बढ़ गया है। पाकिस्तान में तो अब हालात ऐसे हैं कि लॉकडाउन वाली स्थिति बन गई है। बता दें कि पाकिस्तान का फॉरेन रिजर्व पहले ही खाली पड़ा है और उसने हाल ही में माना था कि वह जल्द ही अमेरिका के पास गिड़गिड़ाने जाएगा। इस बीच पाकिस्तान की मुसीबत तब बढ़ गई जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम आसमान छू रहे हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक अब पाकिस्तान की सरकार 'पेट्रोलियम स्मार्ट लॉकडाउन’ लगाने की योजना बना रही है। ...
रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ की तैयारी में अमेरिका…, भारत की दो टूक

रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ की तैयारी में अमेरिका…, भारत की दो टूक

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। अमेरिका (America) ने रूस (Russia) से ज्यादा तेल खरीद (Buy Oil) रहे देशों पर 100 फीसदी टैरिफ (Tariff) लगाने के लिए कानून बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सीनेट से बिल को मंजूरी मिलने के बाद अब इसे हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव (House of Representatives) में भी लाया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक अमेरिकी कांग्रेस के निचले सदन में इस बिल पर गुरुवार को वोटिंग होगी। अगर यह बिल पास हो जाता है तो भारत पर 100 फीसदी टैरिफ लग सकता है। हालांकि इसके बावजूद भारत (India) ने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका चाहे जो कर ले, भारत रूस से तेल खरीदता रहेगा और दबाव के आगे नहीं झुकेगा। भारत ने मंगलवार को एक बयान में कहा है कि अमेरिका भले ही टैरिफ लगा ले, भारत दबाव में नहीं आएगा और रूस से तेल की खरीद जारी रखेगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों से जुड़े फैसले अपने 140 ...
कार्नी की US से निवेश खींचने की तैयारी….. कनाड़ा इन्वेस्टमेंट समिट में जुटेंगे 300 दिग्गज सीईओ

कार्नी की US से निवेश खींचने की तैयारी….. कनाड़ा इन्वेस्टमेंट समिट में जुटेंगे 300 दिग्गज सीईओ

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक
टोरंटो। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) चाहते हैं कि कारखाने और निवेश दक्षिण की ओर यानी अमेरिका (America) आएं। वहीं, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी (Canadian Prime Minister Mark Carney) को उम्मीद है कि वे अरबों डॉलर का निवेश उत्तर की ओर यानी कनाडा ((Canada) की तरफ ला सकते हैं। इस हफ्ते कार्नी के 'कनाडा इन्वेस्टमेंट समिट' के लिए दुनिया की कुछ सबसे बड़ी इन्वेस्टमेंट कंपनियों के लगभग 300 सीईओ और सीनियर एग्जीक्यूटिव टोरंटो के यॉर्कविले इलाके में मौजूद 'फोर सीजन्स' होटल में इकट्ठा हो रहे हैं। ये निवेशक मिलकर 120 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर से ज्यादा की संपत्ति का प्रबंधन करते हैं। इससे उस पूंजी के बड़े पैमाने का पता चलता है जिसे कार्नी हासिल करना चाहते हैं, क्योंकि कनाडा अरबों डॉलर का नया निवेश आकर्षित करने और अमेरिका पर अपनी आर्थिक निर्भरता कम करने की कोश...
US: मध्यावधि चुनाव से पहले ट्रंप को बड़ा झटका…. SC ने मेल मतपत्र प्रतिबंधों को किया खारिज

US: मध्यावधि चुनाव से पहले ट्रंप को बड़ा झटका…. SC ने मेल मतपत्र प्रतिबंधों को किया खारिज

अंतरराष्ट्रीय
न्यूयॉर्क। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) के मेल मतपत्र प्रतिबंधों को फिलहाल खारिज कर दिया। इस निर्णय से राज्यों को अपनी पुरानी मेल मतपत्र प्रक्रियाओं को जारी रखने की अनुमति मिल गई है। यह फैसला मध्यावधि चुनावों (Mid-term elections) में मतदान शुरू होने के बीच आया है। ट्रंप प्रशासन कांग्रेस पर नियंत्रण के लिए नवंबर के चुनावों से पहले इन प्रतिबंधों को लागू करना चाहता था। डाक मतपत्र के मामले में जजों की राय क्या?जस्टिस सैमुअल एलिटो और जस्टिस क्लेरेंस थॉमस ने इस संक्षिप्त आदेश का विरोध किया। जस्टिस ब्रेट कवानुघ ने प्रतिबंधों को मध्यावधि चुनावों के लिए लागू न करने पर सहमति जताई। हालांकि, उन्होंने बाद में ट्रंप प्रशासन के पक्ष में फैसला सुनाने का संकेत दिया। यह मामला महत्वपूर्ण है क्योंकि देश का लगभग एक तिहाई हिस्सा मेल द्वारा मतदान...
भारत से रिश्ते सुधारना चाहता है बांग्लादेश… BRICS में हिस्सा न लेकर पछता रहे तारिक रहमान?

भारत से रिश्ते सुधारना चाहता है बांग्लादेश… BRICS में हिस्सा न लेकर पछता रहे तारिक रहमान?

अंतरराष्ट्रीय
ढ़ाका। बांग्लादेश (Bangladesh) ने रविवार को कहा कि वह भारत (India) के साथ अपने रिश्तों को फिर से सुधारना चाहता है और आपसी हितों के आधार पर नए द्विपक्षीय संबंध (New Bilateral Relations) बनाना चाहता है। विदेश मामलों के राज्य मंत्री हुमायूं कबीर (Humayun Kabir) का यह बयान बांग्लादेश के उस ऐलान के दो दिन बाद आया है, जिसमें गुरुवार को कहा गया था कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान (Prime Minister Tariq Rahman) भारत में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit) में हिस्सा नहीं लेंगे, क्योंकि उन्हें इस कार्यक्रम के लिए आमंत्रित नहीं किया गया था। निमंत्रण पाकर भी नहीं आए तारिक रहमानइसके बजाय निमंत्रण बिम्सटेक के अध्यक्ष को भेजा गया था। दो दिन तक चला ब्रिक्स शिखर सम्मेलन रविवार को संपन्न हुआ। भारत ने रहमान को ‘बहुक्षेत्रीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग के लिए बंगाल की खाड़ी पहल’ (बिम्सटेक) के अध्यक्ष के त...
India-EU FTA से यूरोपीय बाजार में भारतीय कारों का रास्ता होगा आसान…. घटेगा शुल्क

India-EU FTA से यूरोपीय बाजार में भारतीय कारों का रास्ता होगा आसान…. घटेगा शुल्क

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। भारत (India) और यूरोपीय संघ (European Union) के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते यानी एफटीए (Free Trade Agreements- FTAs) में भारतीय कारों के लिए यूरोपीय बाजार का रास्ता आसान करने का प्रावधान किया गया है। समझौते के मसौदे के अनुसार, पहले साल भारत में बनी 2.5 लाख यात्री कारों को यूरोपीय संघ के बाजार में 8 प्रतिशत रियायती शुल्क पर प्रवेश मिलेगा। यह संख्या धीरे-धीरे बढ़कर समझौते के 10वें साल से 4 लाख वाहन सालाना हो जाएगी। खास बात यह है कि इन कारों पर लगने वाला शुल्क भी चरणबद्ध तरीके से घटाया जाएगा और पांचवें साल से शून्य हो जाएगा। कितनी भारतीय कारों को मिलेगा कम शुल्क का फायदा?पहले साल 2.5 लाख भारतीय कारों को रियायती शुल्क पर यूरोपीय बाजार में प्रवेश मिलेगा। यह व्यवस्था भारतीय मूल की आंतरिक दहन इंजन यानी आईसीई कारों और हाइब्रिड इलेक्ट्रिक वाहनों यानी एचईवी के लिए है। हालांकि, ...
BRICS के लिए अपना 5 सूत्रीय एक्शन प्लान पेश कर गया चीन… बढ़ सकती है भारत की चिंता

BRICS के लिए अपना 5 सूत्रीय एक्शन प्लान पेश कर गया चीन… बढ़ सकती है भारत की चिंता

अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। भारत (India) की अध्यक्षता में ब्रिक्स का 18वां शिखर सम्मेलन (18th BRICS Summit) संपन्न हो गया है। शिखर सम्मेलन से पहले ही आम सहमति बनाने की चुनौती नजर आ रही थी। हालांकि भारत की कूटनीति के बल पर नई दिल्ली घोषणापत्र (New Delhi Declaration) को सभी सदस्य देशों ने मंजूरी दे दी। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (President Xi Jinping) गलवान घाटी में झड़प के बाद पहली बार भारत यात्रा पर आए थे। अब अगली बार ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी चीन करेगा। ऐसे में शी जिनपिंग ने पांच सूत्रीय ऐक्शन प्लान का ऐलान कर दिया है। इस पूरे ऐक्शन प्लान में व्यापार और तकनीक पर ही जोर दिया गया। आपको बता दें कि व्यापार के मामले में चीन भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के कई देशों के लिए चिंता का सबब बना हुआ है। वह अपनी सस्ती चीजें दुनियाभर के बाजार में बेचता है। ऐसे में उसने भारत के भी बड़े बाजार पर कब्जा कर रखा है। ...
यूक्रेन गए थे ब्रिटेन के पूर्व PM बोरिस जॉनसन…. रूस के ड्रोन हमले में बाल-बाल बची जान

यूक्रेन गए थे ब्रिटेन के पूर्व PM बोरिस जॉनसन…. रूस के ड्रोन हमले में बाल-बाल बची जान

अंतरराष्ट्रीय
कीव। भारत (India) में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit) के दौरान रूस और यूक्रेन का युद्ध (Russia-Ukraine War) रुकवाने को लेकर रणनीति तैयार हो रही थी। उधर रूस के ड्रोन हमले (Drone attacks) में ब्रिटेन (British) के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन (Former PM Boris Johnson) समेत कई अंतरराष्ट्रीय नेता बाल-बाल बच गए। जानकरी के मुताबिक यूक्रेन-पोलैंड बॉर्डर के पास ड्रोन से एक ट्रेन को निशाना बनाया गया। इससे थोड़ी ही आगे एक और ट्रेन थी जिसमें यूके के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन, स्वीडन के पूर्व प्रधानमंत्री कार्ल बिल्ड्ट समेत कई बड़े नेता मौजूद थे। घटना के बाद तुरंत इस ट्रेन को भी खाली करवाया गया। कीव में एक सुरक्षा सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद ये सभी लोग पोलैंड की ओर जा रहे थे। स्थानीय समय के मुताबिक सुबह के 5 बजे ही ड्रोन अलर्ट जारी कर दिया गया। तय समय से पहले चल दी ट्रेनयूक्रेन के स...