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आर्थिक

मारुति सुजुकी का चालू वित्त वर्ष में 9 लाख सीएनजी वाहन बेचने का लक्ष्य

मारुति सुजुकी का चालू वित्त वर्ष में 9 लाख सीएनजी वाहन बेचने का लक्ष्य

आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी कार विनिर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया (एमएसआई) ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 में करीब 9 लाख सीएनजी वाहन बेचने का लक्ष्य रखा है। यह पिछले वित्त वर्ष में बेची गई 7 लाख से अधिक इकाइयों की तुलना में लगभग 30 फीसदी की वृद्धि होगी। मारुति सुज़ुकी इंडिया के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी (विपणन एवं बिक्री) पार्थो बनर्जी ने रविवार को जारी बयान में कहा कि चालू वित्त वर्ष 2026-27 की (अप्रैल-जून) पहली तिमाही में कंपनी ने विभिन्न मॉडल श्रेणियों में 2.2 लाख सीएनजी वाहन बेचे हैं, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 58 फीसदी अधिक है। पार्थो बनर्जी ने कहा कि पश्चिम एशिया युद्ध के बाद ईंधन के दाम बढ़ने से सीएनजी वाहनों की मांग बढ़ी है। उन्होंने बताया कि कंपनी का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बाद ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी से सीएनजी वाहनों की मांग तेजी से ब...
होर्मुज के बाद लाल सागर में भी बढ़ा तनाव….. फिर भी Crude Oil की कीमतों में बड़ी गिरावट

होर्मुज के बाद लाल सागर में भी बढ़ा तनाव….. फिर भी Crude Oil की कीमतों में बड़ी गिरावट

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। ग्लोबल ऑयल सप्लाई के दो अहम रास्ते तनाव में फंसे हुए हैं. ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर नाकेबंदी कर रखी है. जबकि हूती विद्रोहियों ने लाल सागर का टेंशन बढ़ा दिया है. तनाव के बीच भी कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट देखी गई है. जो तेल 101 डॉ लर प्रति बैरल के आंकड़े को फिर से छू चुका था,वो गिरकर 98.38 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच चुका है। 26 जुलाई को कच्चे तेल की कीमत (Crude Oil Price) में बड़ी गिरावट देखने को मिली. कच्चा तेल 2.29 डॉलर तक गिर गया. इंटरनेशनल मार्केट में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 2.29 फीसदी की गिरावट के साथ 98.38 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. इसी तरह से WTI 1.87 फीसदी फिसलकर 90.47 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। क्यों गिरा कच्चे तेल का भाव ?अमेरिका-ईरान युद्ध (America-Iran War) की वजह से होर्मुज स्ट्रेट का रास्ता बंद है. इस रास्ते से दुनिया के 20 फीसदी तेल सप्लाई का आय...
हाईवे पर पुल-टनल या एलिवेटेड स्ट्रक्चर है तो 40% तक कम लगेगा टोल टैक्स… NHAI ने बदला नियम

हाईवे पर पुल-टनल या एलिवेटेड स्ट्रक्चर है तो 40% तक कम लगेगा टोल टैक्स… NHAI ने बदला नियम

आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजमार्गों (NH) पर सफर करने वाले करोड़ों वाहन चालकों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। यदि आपके रास्ते में लंबे पुल, सुरंगें, फ्लाईओवर या एलिवेटेड रोड आते हैं तो अब आपको पहले के मुकाबले कम टोल टैक्स (Toll Tax) चुकाना होगा। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियमों में संशोधन किया गया है। इसे लागू करते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने अपने सभी क्षेत्रीय कार्यालयों को नए नियमों के तहत टोल दरों की समीक्षा और संशोधन प्रक्रिया शुरू करने का कड़ा निर्देश जारी कर दिया है। आमतौर पर किसी भी हाईवे पर पुल, टनल या एलिवेटेड स्ट्रक्चर (Elevated structure) का निर्माण करना और उसका रखरखाव करना बेहद खर्चीला काम होता है। यही वजह थी कि पुराने नियमों के तहत इनकी लंबाई को 10 गुना मानकर टोल की गणना की जाती थी। उदाहरण के लिए यदि क...
माज़ा के 50 वर्ष पूरे होने पर विशेष डाक लिफाफा जारी, राष्ट्रीय आम दिवस पर किसानों का सम्मान

माज़ा के 50 वर्ष पूरे होने पर विशेष डाक लिफाफा जारी, राष्ट्रीय आम दिवस पर किसानों का सम्मान

आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। देश के लोकप्रिय आम आधारित पेय ब्रांड माज़ा के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर राष्ट्रीय आम दिवस के मौके पर विशेष डाक लिफाफा (स्पेशल कवर) जारी किया गया। कार्यक्रम के दौरान आम उत्पादक किसानों को भी सम्मानित किया गया। आयोजन का उद्देश्य भारत की आम परंपरा, किसानों के योगदान और आम आधारित मूल्य श्रृंखला को सम्मान देना रहा। विशेष डाक लिफाफे का विमोचन केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने किया। कार्यक्रम में डाक विभाग के दिल्ली सर्किल के चीफ पोस्टमास्टर जनरल कर्नल अखिलेश कुमार पांडे, कोका-कोला इंडिया एवं दक्षिण-पश्चिम एशिया की वाइस प्रेसिडेंट (पब्लिक अफेयर्स, कम्युनिकेशन्स एंड सस्टेनेबिलिटी) देवयानी राणा, कंपनी के बॉटलिंग पार्टनर्स, आम आपूर्तिकर्ता संस्थाओं तथा अन्य सहयोगी संगठनों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। आयोजकों के अनुसार, यह विशेष डाक लिफाफा भारत की आम विरासत औ...
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा से 95 अरब डॉलर के बजट प्रस्ताव को मंजूरी, रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा पर रहेगा सबसे बड़ा खर्च

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा से 95 अरब डॉलर के बजट प्रस्ताव को मंजूरी, रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा पर रहेगा सबसे बड़ा खर्च

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक
वॉशिंगटन। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) ने 95 अरब डॉलर के बजट प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह प्रस्ताव मुख्य रूप से रक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा, किसानों को राहत और चुनावी कानूनों में बदलाव से जुड़े प्रावधानों के लिए तैयार किया गया है। प्रस्ताव को केवल रिपब्लिकन सांसदों का समर्थन मिला, जबकि डेमोक्रेटिक पार्टी और कुछ रिपब्लिकन सदस्यों ने इसका विरोध किया। अब इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला अमेरिकी सीनेट में होगा। 216-214 मतों से पारित हुआ प्रस्ताव प्रतिनिधि सभा में यह प्रस्ताव 216 के मुकाबले 214 मतों से पारित हुआ। सभी डेमोक्रेट सांसदों ने इसके खिलाफ मतदान किया। रिपब्लिकन नेतृत्व का कहना है कि मौजूदा वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों और रक्षा जरूरतों को देखते हुए अतिरिक्त फंडिंग आवश्यक है। किन मदों पर होगा खर्च? बजट प्रस्ताव में विभिन्न क्षेत्रों के लिए धन आवंटित किया गया है— ...
त्योहारी सीजन में महंगी हुई शक्कर…. एक माह में 15% बढ़कर रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचे दाम

त्योहारी सीजन में महंगी हुई शक्कर…. एक माह में 15% बढ़कर रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचे दाम

आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। त्योहारी सीजन (Festive Season) से ठीक पहले देश में चीनी की कीमतों (Sugar Prices) में आई तेज बढ़ोतरी ने केंद्र सरकार (Central government) के साथ-साथ आम लोगों की भी चिंता बढ़ा दी है। बीते एक महीने में घरेलू बाजार में चीनी की कीमतें 15 फीसदी से अधिक बढ़कर रिकॉर्ड स्तर (Record level) पर पहुंच गई हैं। उत्तर प्रदेश में एक्स-मिल कीमतें 4,400 से 4,500 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच चुकी हैं, जबकि दिल्ली के थोक बाजार (Wholesale market) में चीनी 4,800 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रही है। कीमतों में इस अप्रत्याशित उछाल के बाद सरकार ने चीनी उद्योग के प्रतिनिधियों के साथ आपात बैठक की है। सट्टेबाजी और जमाखोरी पर लगाम लगाने के लिए कारोबारियों और चीनी मिलों पर स्टॉक सीमा लगाने के विकल्प पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। हालांकि, सरकार ने साफ कर दिया है कि फिलहाल चीनी आयात करने की कोई योजना नही...
Chip पैकेजिंग का नया ग्लोबल हब बनेगा भारत…. सरकार ने बनाया चीन को मात देने का मेगा प्लान

Chip पैकेजिंग का नया ग्लोबल हब बनेगा भारत…. सरकार ने बनाया चीन को मात देने का मेगा प्लान

आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन (Global Electronics Supply Chain) में चीन (China) का विकल्प बनने के लिए भारत (India) ने एक और बड़ा कदम उठाया है। देश जल्द ही चिप पैकेजिंग (Chip Packaging) के वैश्विक केंद्र के तौर पर उभरेगा। निर्माताओं को भारत में चिप निर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए आकर्षित करने के प्रयास किए जाएंगे। सरकार कंपनियों को यूनिट लगाने पर पूंजीगत व्यय का 35 फीसदी तक वित्तीय सहायता देगी। पारंपरिक पैकेजिंग इकाइयों को यह सहायता 25 फीसदी तक होगी। इससे वैश्विक आपूर्ति शृंखला में भारत की स्थिति मजबूत होगी। सरकार का मानना है कि केवल चिप निर्माण ही नहीं, बल्कि उनकी टेस्टिंग और पैकेजिंग भी वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का महत्वपूर्ण हिस्सा है। नई रणनीति से यूं आएगा बदलावनई रणनीति के तहत विश्व-स्तरीय अग्रणी कंपनियां जैसे इंटेल, लॉकहीड मार्टिन और एप्लाइड मैटेरियल्स ने भारत ...
ट्रंप का बड़ा फैसला…. जेनेरिक दवाओं पर 200% तक टैरिफ लगाएगा अमेरिका

ट्रंप का बड़ा फैसला…. जेनेरिक दवाओं पर 200% तक टैरिफ लगाएगा अमेरिका

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक
वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने बुधवार को घोषणा की कि अमेरिका (America) अगस्त 2028 से विदेश से आयात होने वाली जेनेरिक दवाओं (Generic medicines) पर भारी आयात शुल्क (टैरिफ) (Hefty Import Duties- Tariffs) लगाएगा। उन्होंने कहा कि इस कदम का मकसद जेनेरिक दवाओं का उत्पादन अमेरिका के भीतर कराना है। इस फैसले का असर भारत पर पड़ सकता है, क्योंकि भारत अमेरिका को जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा निर्यातक है। ट्रंप ने ट्रथु सोशल प्लेटफॉर्म पर कहा कि 1 अगस्त 2026 से अमेरिका में आने वाली सभी जेनेरिक दवाओं पर अगले दो साल तक टैरिफ शून्य फीसदी रहेगा। इसके बाद एक साल के लिए इसे 100 फीसदी कर दिया जाएगा। उसके बाद यह बढ़ाकर 200 फीसदी कर दिया जाएगा। ट्रंप ने क्या कहा?अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने कहा कि 1 अगस्त 2026 से अमेरिका...
ट्रंप के नए वीजा नियम ने बढ़ाई चिंता… भारतीय छात्रों को 54 दिन के भीतर लौटना होगा अमेरिका

ट्रंप के नए वीजा नियम ने बढ़ाई चिंता… भारतीय छात्रों को 54 दिन के भीतर लौटना होगा अमेरिका

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक, राष्ट्रीय
वॉशिंगटन। अमेरिका (America) में आव्रजन नियमों (Immigration rules) में एक बड़े बदलाव के चलते भारतीय छात्रों (Indian students) समेत अंतरराष्ट्रीय छात्रों को लौटने की सलाह दी गई है। विश्वविद्यालयों ने सलाह दी है कि अगर वे मौजूदा आव्रजन व्यवस्था का लाभ बनाए रखना चाहते हैं तो 15 सितंबर से पहले अमेरिका लौट आएं। यह सलाह उन छात्रों के लिए है जो शैक्षणिक अवकाश के दौरान अपने देश आए हुए हैं और एफ-1 या जे-1 वीजा पर पढ़ाई कर रहे हैं। यह सलाह अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (डीएचएस) के नए "अंतिम नियम" के लागू होने से पहले दी गई है। यह नियम लंबे समय से लागू "ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस यानी डी/एस व्यवस्था" की जगह लेगा। 15 सितंबर से लागू होगा नया नियमनए नियम के तहत अंतरराष्ट्रीय छात्रों को अमेरिका में अधिकतम चार वर्ष की निश्चित अवधि के लिए ही प्रवेश मिलेगा। मौजूदा व्यवस्था में एफ-1 वीजा धारक छात्र तब तक अमेरिका मे...
साइबर अटैक मामले में सेबी का सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज पर बड़ा एक्शन… ठोका ₹1 करोड़ का जुर्माना

साइबर अटैक मामले में सेबी का सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज पर बड़ा एक्शन… ठोका ₹1 करोड़ का जुर्माना

आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। देश के शेयर बाजार (Stock Market) से जुड़ी सबसे बड़ी संस्थाओं में से एक सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज (Central Depository Services- CDSL) पर SEBI ने बड़ा एक्शन लिया है। सेबी (SEBI) ने कंपनी पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना (A fine of ₹1 crore) लगाया है। यह कार्रवाई नवंबर 2022 में हुए एक बड़े मैलवेयर (Malware) साइबर अटैक से जुड़ी सुरक्षा खामियों के कारण की गई है। उस समय इस साइबर हमले की वजह से CDSL की कई महत्वपूर्ण सेवाएं प्रभावित हुई थीं और शेयर बाजार के सेटलमेंट (Settlement) में भी देरी हुई थी। आइए इसको जरा विस्तार से समझते हैं। SEBI के आदेश के मुताबिक, CDSL अपनी साइबर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने में कई स्तरों पर विफल रही। नियामक का कहना है कि अगर कंपनी ने समय रहते जरूरी सुरक्षा उपाय अपनाए होते, तो इस तरह का हमला टाला जा सकता था। इसी कारण सेबी ने 90 लाख रुपये का जुर्माना SEBI एक्...