Friday, October 23खबर जो असर करे |
Shadow

आर्थिक

NSE का IPO आज हो रहा ओपन, कमाई के साथ जोखिम भी… सोच-समझकर पैसे लगाएं निवेशक

NSE का IPO आज हो रहा ओपन, कमाई के साथ जोखिम भी… सोच-समझकर पैसे लगाएं निवेशक

आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एनएसई) (National Stock Exchange of India - NSE) का सार्वजनिक निर्गम खुदरा निवेशकों के लिए आज से खुलेगा। यह आईपीओ (IPO) ऐसे समय आ रहा है, जब डेरिवेटिव ट्रेडिंग वॉल्यूम (Derivative trading volume) में गिरावट के कारण कैपिटल मार्केट फर्मों को लेकर निवेशकों में सतर्कता का माहौल है, जिसका असर पहले ही ऑफर प्राइस पर पड़ चुका है। एनएसई आईपीओ का मूल्यांकन वित्त वर्ष 2027-28 की अनुमानित कमाई के करीब 35 से 38 गुना के बराबर है। यह वैश्विक एक्सचेंज ऑपरेटरों के मुकाबले कहीं अधिक है। कारोबार कितना मजबूत?किसी भी कंपनी में पैसा लगाने से पहले उसका बिजनेस देखना सबसे पहला नियम है। वित्त वर्ष 2025-26 के आंकड़ों के मुताबिक, कैश-मार्केट टर्नओवर में एनएसई की हिस्सेदारी 92.99 फीसदी, इक्विटी फ्यूचर्स में 99.79 फीसदी और इक्विटी ऑप्शंस प्रीमियम टर्नओवर में 74.71 फीसदी रही ...
US: महंगाई को काबू में करने के लिए फेडरल रिजर्व का बड़ा फैसला…. ब्याज दरों में किया इजाफा

US: महंगाई को काबू में करने के लिए फेडरल रिजर्व का बड़ा फैसला…. ब्याज दरों में किया इजाफा

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक
वाशिंगटन। अमेरिका (America) में जिद्दी बनी महंगाई (Inflation) पर लगाम कसने के लिए केंद्रीय बैंक 'फेडरल रिजर्व' (Central Bank 'Federal Reserve') ने एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। व्हाइट हाउस (White House) के लगातार दबाव को दरकिनार करते हुए फेडरल रिजर्व ने बुधवार को बेंचमार्क ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर दी है। वर्ष 2023 के बाद से यह पहला मौका है जब अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों में इजाफा किया है। इस फैसले से न केवल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) की कम ब्याज दरों की मांग को झटका लगा है, बल्कि इसका असर वैश्विक बाजारों पर भी देखने को मिल सकता है। महंगाई पर लगाम लगाने के लिए उठाया सख्त कदमफेडरल रिजर्व ने मुख्य ब्याज दर (बेंचमार्क रेट) में 25 बेसिस प्वाइंट (0.25 फीसदी) की बढ़ोतरी की है। इस फैसले के बाद अमरीका में मुख्य ब्याज दर बढ़कर लगभग 3.9 फीसदी हो गई है। बैंक के इस कद...
दिल्ली में आज ‘सेमीकॉन इंडिया 2026’ का शुभारंभ करेंगे PM मोदी, 52 देशों की कंपनियां लेंगी हिस्सा

दिल्ली में आज ‘सेमीकॉन इंडिया 2026’ का शुभारंभ करेंगे PM मोदी, 52 देशों की कंपनियां लेंगी हिस्सा

आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) आज सुबह नई दिल्ली (New Delhi) में एक खास प्रोग्राम की शुरुआत करने जा रहे हैं, जिसका नाम सेमीकॉन इंडिया 2026 (SemiconIndia 2026) है. इस इवेंट की शुरुआत सुबह 10 बजे नई दिल्ली स्थित यशोभूमी में होगी. इस कार्यक्राम का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे. इस कार्यक्रम में 52 देशों की 300 से अधिक कंपनियां हिस्सा लेंगी। 17 सितंबर से 19 सितंबर तक चलने वाले तीन दिवसीय कार्यक्रम 'सिलिकॉन से सिस्टम तक: इको सिस्टम का निर्माण' पर बेस्ड है. इसमें निर्माता सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रोनिक्स सीरीज से कनेक्टेड ग्लोबल और भारतीय कंपनियां शामिल होंगी। सेमीकॉन इंडिया 2026 में भारतीय कंपनियां, नीति, निर्माता, इन्वेस्टर्स, रिसर्चर, स्टार्टअप, एजुकेशन इंस्टीट्यूट और कई स्टूडेंट शामिल हो सकेंगे. सेमीकॉन इंडिया 2026 से एक दिन पहले यानी बुधवार...
भारतीय छात्रों के लिए न्यूजीलैंड ने खोले दरवाजे…. पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा नियमों में किया बदलाव

भारतीय छात्रों के लिए न्यूजीलैंड ने खोले दरवाजे…. पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा नियमों में किया बदलाव

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक, राष्ट्रीय
वेलिंगटन। न्यूजीलैंड (New Zealand) ने भारतीय छात्रों (Indian Students) के लिए पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा नियमों (Post-Study Work Visa Rules) में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। न्यूजीलैंड के आव्रजन मंत्रालय ने 15 सितंबर 2026 को नए अल्पकालिक स्नातक कार्य वीजा की घोषणा की है। यह वीजा 16 नवंबर 2026 से लागू होगा। इसके तहत पात्र अंतरराष्ट्रीय स्नातकों को छह महीने तक खुले तौर पर काम करने का अधिकार मिलेगा। यह नया वीजा उन छात्रों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होगा जो पढ़ाई पूरी करने के बाद तत्काल लंबे समय के पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा के पात्र नहीं होते। इसका मुख्य उद्देश्य ऐसे छात्रों को नौकरी तलाशने और रोजगार हासिल करने के लिए छह महीने का समय देना है। इस अवधि में वे मान्यता प्राप्त नियोक्ता कार्य वीजा जैसे दीर्घकालिक विकल्पों की ओर बढ़ सकेंगे। 16 नवंबर से एक और महत्वपूर्ण बदलाव भी लागू होगा। इसके तहत न्यूज...
भारत में भी दिखने लगा अल नीनो का असर…. जेब पर पड़ रहा भारी, चीनी के कई चीजें हुई महंगी

भारत में भी दिखने लगा अल नीनो का असर…. जेब पर पड़ रहा भारी, चीनी के कई चीजें हुई महंगी

आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। अल नीनो (El Niño) ने दस्तक दे दी है। अब भारत (India) में भी इसका असर दिखने लगा है। यहां अल नीनो ने मौसम को बुरी तरह प्रभावित किया है। मौसम ने फसलों पर असर डाला और फसलें अब आपकी जेब पर असर डाल रही हैं। चीनी (Sugar) के बाद अंडे और चिकन के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक जिस तरह गन्ने का उत्पादन गिरा है, अगर उसी तरह मक्के का उत्पादन भी घटा तो इन चीजों के दाम और बढ़ सकते हैं। चावल और सोयाबीन जैसी फसलें भी संकट के केंद्र में हैं। गौरतलब है कि अल नीनो की स्थिति में मानसून कमजोर और अनियमित रहता है। साथ ही ज्यादा गर्मी रहने से मिट्टी में नमी कम हो जाती है, जिससे खरीफ फसलों की पैदावार घट सकती है। इस बार मौसम विज्ञानियों ने सदी के सबसे ताकतवर अल नीनो की दस्तक की चेतावनी दी है। भारत में इसका असर दिखना शुरू हो गया है और साल के अंत तक इसके पीक पर पहुंचने की संभावना है। चीनी...
रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ की तैयारी में अमेरिका…, भारत की दो टूक

रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ की तैयारी में अमेरिका…, भारत की दो टूक

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। अमेरिका (America) ने रूस (Russia) से ज्यादा तेल खरीद (Buy Oil) रहे देशों पर 100 फीसदी टैरिफ (Tariff) लगाने के लिए कानून बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सीनेट से बिल को मंजूरी मिलने के बाद अब इसे हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव (House of Representatives) में भी लाया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक अमेरिकी कांग्रेस के निचले सदन में इस बिल पर गुरुवार को वोटिंग होगी। अगर यह बिल पास हो जाता है तो भारत पर 100 फीसदी टैरिफ लग सकता है। हालांकि इसके बावजूद भारत (India) ने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका चाहे जो कर ले, भारत रूस से तेल खरीदता रहेगा और दबाव के आगे नहीं झुकेगा। भारत ने मंगलवार को एक बयान में कहा है कि अमेरिका भले ही टैरिफ लगा ले, भारत दबाव में नहीं आएगा और रूस से तेल की खरीद जारी रखेगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों से जुड़े फैसले अपने 140 ...
कार्नी की US से निवेश खींचने की तैयारी….. कनाड़ा इन्वेस्टमेंट समिट में जुटेंगे 300 दिग्गज सीईओ

कार्नी की US से निवेश खींचने की तैयारी….. कनाड़ा इन्वेस्टमेंट समिट में जुटेंगे 300 दिग्गज सीईओ

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक
टोरंटो। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) चाहते हैं कि कारखाने और निवेश दक्षिण की ओर यानी अमेरिका (America) आएं। वहीं, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी (Canadian Prime Minister Mark Carney) को उम्मीद है कि वे अरबों डॉलर का निवेश उत्तर की ओर यानी कनाडा ((Canada) की तरफ ला सकते हैं। इस हफ्ते कार्नी के 'कनाडा इन्वेस्टमेंट समिट' के लिए दुनिया की कुछ सबसे बड़ी इन्वेस्टमेंट कंपनियों के लगभग 300 सीईओ और सीनियर एग्जीक्यूटिव टोरंटो के यॉर्कविले इलाके में मौजूद 'फोर सीजन्स' होटल में इकट्ठा हो रहे हैं। ये निवेशक मिलकर 120 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर से ज्यादा की संपत्ति का प्रबंधन करते हैं। इससे उस पूंजी के बड़े पैमाने का पता चलता है जिसे कार्नी हासिल करना चाहते हैं, क्योंकि कनाडा अरबों डॉलर का नया निवेश आकर्षित करने और अमेरिका पर अपनी आर्थिक निर्भरता कम करने की कोश...
सहारा समूह में फंसे पैसों के रिफंड का इंतजार कर रहे निवेशकों को राहत… 20 लाख अटके क्लेम की प्रोसेसिंग शुरू

सहारा समूह में फंसे पैसों के रिफंड का इंतजार कर रहे निवेशकों को राहत… 20 लाख अटके क्लेम की प्रोसेसिंग शुरू

आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। सहारा समूह (Sahara Group) की चार सहकारी समितियों (Four Cooperative Societies) में फंसे पैसे के रिफंड का इंतजार कर रहे लाखों निवेशकों (Millions Investors) के लिए राहत भरी जरूरी खबर है। केंद्र सरकार ने CRCS-सहारा रिफंड पोर्टल को फिर से एक्टिव कर दिया है। इसके साथ ही लंबे समय से अटके करीब 20 लाख क्लेम की जांच और प्रोसेसिंग दोबारा शुरू हो गई है। पोर्टल के मुताबिक सत्यापित और पात्र क्लेम पर ₹10 लाख तक रिफंड दिया जा रहा है। इससे पहले इसकी लिमिट केवल ₹50,000 तक थी। 9,267 करोड़ रुपये रिफंडसहकारिता मंत्रालय के मुताबिक, अब तक 41.56 लाख से अधिक जमाकर्ताओं को करीब 9,267 करोड़ रुपये वापस किए जा चुके हैं। यह राशि आधार से जुड़े बैंक खातों में भेजी गई है। अब लंबित आवेदनों की जांच कर पात्र निवेशकों को रिफंड देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। क्यों बंद हुई थी रिफंड की प्रकिया?सरकार के अ...
UK दौरे पर CM विजय ने चार बड़े समझौते, 9000 नौकरियों की उम्मीद

UK दौरे पर CM विजय ने चार बड़े समझौते, 9000 नौकरियों की उम्मीद

आर्थिक, राज्य, राष्ट्रीय
लंदन। तमिलनाडु (Tamil Nadu) के मुख्यमंत्री विजय थलपति (Chief Minister Vijay Thalapathy) ने ब्रिटेन दौरे (UK visit) पर सोमवार को कम से कम चार निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर किए। राज्य सरकार के मुताबिक, इन समझौतों के तहत तमिलनाडु में करीब 12300 करोड़ रुपये का निवेश होगा और इनसे लगभग 9,000 नौकरियां पैदा होने की संभावना है। इनमें सबसे बड़ा समझौता संवर्धन मदरसन इंटरनेशनल लिमिटेड के साथ हुआ है। इसके तहत कंपनी तमिलनाडु में 11,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। 11 हजार करोड़ के निवेश से 7 हजार नौकरियांसंवर्धन मदरसन इंटरनेशनल के साथ हुए समझौते के तहत डिजाइन, इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग, असेंबली और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इस परियोजना से करीब 7,000 नौकरियां पैदा होने की संभावना है। इसके अलावा विजय ने एक ब्रिटिश कंपनी के साथ 1,000 करोड़ रुपये के समझौते पर भी हस्ताक्षर किए। यह स...
India-EU FTA से यूरोपीय बाजार में भारतीय कारों का रास्ता होगा आसान…. घटेगा शुल्क

India-EU FTA से यूरोपीय बाजार में भारतीय कारों का रास्ता होगा आसान…. घटेगा शुल्क

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। भारत (India) और यूरोपीय संघ (European Union) के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते यानी एफटीए (Free Trade Agreements- FTAs) में भारतीय कारों के लिए यूरोपीय बाजार का रास्ता आसान करने का प्रावधान किया गया है। समझौते के मसौदे के अनुसार, पहले साल भारत में बनी 2.5 लाख यात्री कारों को यूरोपीय संघ के बाजार में 8 प्रतिशत रियायती शुल्क पर प्रवेश मिलेगा। यह संख्या धीरे-धीरे बढ़कर समझौते के 10वें साल से 4 लाख वाहन सालाना हो जाएगी। खास बात यह है कि इन कारों पर लगने वाला शुल्क भी चरणबद्ध तरीके से घटाया जाएगा और पांचवें साल से शून्य हो जाएगा। कितनी भारतीय कारों को मिलेगा कम शुल्क का फायदा?पहले साल 2.5 लाख भारतीय कारों को रियायती शुल्क पर यूरोपीय बाजार में प्रवेश मिलेगा। यह व्यवस्था भारतीय मूल की आंतरिक दहन इंजन यानी आईसीई कारों और हाइब्रिड इलेक्ट्रिक वाहनों यानी एचईवी के लिए है। हालांकि, ...