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Tag: विश्वविद्यालय

हिमाचल विवि के प्रो‑वीसी के पद पर बने रहेंगे राजिंदर वर्मा, 4 नवंबर को अगली सुनवाई

हिमाचल विवि के प्रो‑वीसी के पद पर बने रहेंगे राजिंदर वर्मा, 4 नवंबर को अगली सुनवाई

कानून
शिमला, 12 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने यह आदेश पर रोक लगा दी है जिसमें प्रो. राजिंदर वर्मा को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति की विदेश यात्रा के दौरान उनके कामकाज की जिम्मेदारी अन्य अधिकारियों को सौंपा जाना था। कोर्ट ने कहा कि इस आदेश को लागू करना अनुचित है और अब तक राजिंदर वर्मा ही प्रो‑वीसी के पद पर बने रहेंगे। अगले चरण की सुनवाई 4 नवंबर को निर्धारित की गई है, जहाँ इस मामले के विस्तृत बिंदुओं पर चर्चा होगी।...
कानपुर में फ्रांस के सहयोग से स्थापित होगा विमानन राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र

कानपुर में फ्रांस के सहयोग से स्थापित होगा विमानन राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र

राष्ट्रीय
कानपुर, 01 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। प्रधानमंत्री कौशल विकास एवं रोजगारपरक परिवर्तन योजना (पीएम-सेतु) के तहत उत्तर प्रदेश के कानपुर में विमानन क्षेत्र के लिए एक राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया जाएगा। यह केंद्र विमान रखरखाव (एमआरओ), एयरपोर्ट संचालन और एविएशन से जुड़ी आधुनिक कौशलों में प्रशिक्षण प्रदान करेगा। सूत्रों के अनुसार, पिछले केंद्रीय बजट में पीएम-सेतु के अंतर्गत पांच राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने की घोषणा की गई थी, जिसमें कानपुर, हैदराबाद, कोयंबटूर, भुवनेश्वर और अहमदाबाद शामिल हैं। इस योजना के तहत देशभर में 1000 आईटीआई को आधुनिक और उद्योग-संबद्ध बनाने के लिए 60 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। इसी क्रम में 29 जनवरी को नई दिल्ली स्थित कौशल भवन में कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय की सचिव देवश्री मुखर्जी और भारत में फ्रांस के राजदूत थियरी मैथू के बीच बैठ...
भारत में वामपंथी वैचारिकी, विश्वविद्यालयी आंदोलन और नक्सली समर्थन

भारत में वामपंथी वैचारिकी, विश्वविद्यालयी आंदोलन और नक्सली समर्थन

लेख
शहर, 09 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। लेखक: LN Star Newsभारत का लोकतंत्र अपनी विविधता, मतभिन्नता और खुली बहस की परंपरा के कारण विश्व में विशिष्ट रहा है। किंतु पिछले दो दशकों में एक ऐसी वैचारिक धारा विकसित हुई है, जिसने विश्वविद्यालयों, वामपंथी छात्र संगठनों, शहरी बुद्धिजीवी समूहों और माओवादी हिंसा को व्यापक वैचारिक सूत्र में पिरो दिया है। यह विमर्श केवल छात्र-राजनीति या असहमति तक सीमित नहीं; यह राज्य-विरोध, पहचान की राजनीति, ‘क्रांतिकारी प्रतिरोध’ की संस्कृति और अंततः माओवादी सशस्त्र संघर्ष तक फैला सुनियोजित नैरेटिव बन चुका है। सबसे स्पष्ट उदाहरण दिल्ली के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय- जेएनयू और जामिया मिल्लिया इस्लामिया तथा हैदराबाद एवं कलकत्ता विश्वविद्यालय हैं, जहाँ विमर्श का झुकाव धीरे-धीरे राष्ट्रीय दृष्टिकोण से हटकर एक प्रकार के वैचारिक अराजकवाद की ओर दिखाई देता है। जेएनयू में एसएफआई, एआईएसए, डी...