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हल्दिया में दुर्गा पूजा 2026: अनूठी ‘उड़ान’ परिकल्पना और थीम पंडालों की भरमार

हल्दिया में दुर्गा पूजा 2026: अनूठी ‘उड़ान’ परिकल्पना और थीम पंडालों की भरमार

यात्रा
पूर्व मेदिनीपुर, 14 अक्टूबर (हि. स.)। जिले के औद्योगिक शहर हल्दिया में इस वर्ष भी दुर्गा पूजा के अवसर पर कई आकर्षक विषयों पर आधारित पूजा पंडाल बनाए गए हैं। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित पंडालों ने पारम्परिक रूपांकनों के साथ-साथ समकालीन थीमों को भी अपनाया है, जिससे दर्शकों को विविध रंगों और रचनात्मकता का अनूठा मिश्रण देखने को मिला। इन पंडालों में स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों और वास्तुकारों ने सहयोग किया है, और प्रत्येक पंडाल का डिजाइन विशिष्ट विचारधारा को प्रतिबिंबित करता है, जिससे धार्मिक उत्सव का माहौल सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य में विस्तृत हो गया है। इसी बीच, चैतन्यपुर के ‘उड़ान’ संगठन ने अपनी अनूठी परिकल्पना से लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। यह समूह अपने विचारधारात्मक दृष्टिकोण को पंडाल निर्माण में प्रतिफलित करके दर्शकों को एक नया अनुभव प्रदान कर रहा है। ‘उड़ान’ ने स्थानीय स...
मेदिनीपुर में ऐतिहासिक ‘तुलसी चारा’ उत्सव की धूम

मेदिनीपुर में ऐतिहासिक ‘तुलसी चारा’ उत्सव की धूम

विशेष समाचार
मेदिनीपुर, 15 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर गुरुवार तड़के को पश्चिम और पूर्व मेदिनीपुर के सबंग–पोटाशपुर इलाके में ऐतिहासिक तुलसीचारा मेले का आगाज हो गया। इस ऐतिहासिक मेले को लेकर स्थानीय लोगों में जबर्दस्त उत्साह देखने को मिला। सुबह की पहली रोशनी के साथ ही तुलसी मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं, व्यापारियों और दर्शकों की भीड़ उमड़ने लगी। करीब 530 वर्षों से भी अधिक पुरानी परंपरा को अपने भीतर समेटे यह लोकमेला आज से शुरू होकर लगातार 10 दिनों तक चलेगा। पोटाशपुर ब्लॉक के गोकुलपुर गांव में नदी किनारे स्थित प्राचीन तुलसी मंदिर को केंद्र बनाकर हर वर्ष पौष संक्रांति के दिन इस मेले का शुभारंभ होता है। मंदिर के नाम पर ही इस मेले को तुलसीचारा मेला कहा जाता है। लगभग 12 बीघा जमीन में फैला यह मेला अविभाजित मेदिनीपुर जिले की सामाजिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक प...