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Tag: इतिहास

02 फरवरी: रोजर फेडरर का 237 हफ्तों का ऐतिहासिक राज

02 फरवरी: रोजर फेडरर का 237 हफ्तों का ऐतिहासिक राज

अंतरराष्ट्रीय
स्विट्ज़रलैंड के महान टेनिस खिलाड़ी रोजर फेडरर ने 02 फरवरी 2004 को विश्व रैंकिंग में नंबर-1 स्थान प्राप्त किया, और इसके बाद वह लगातार 237 हफ्तों तक इस शीर्ष पायदान पर काबिज रहे। यह अद्वितीय रिकॉर्ड 17 अगस्त 2008 तक बना रहा और आज भी पुरुष एकल टेनिस में एक अभेद्य उपलब्धि माना जाता है। फेडरर की इस उपलब्धि का महत्व केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है; यह उनकी निरंतरता, मानसिक मजबूती और हर सतह पर बेहतरीन खेल का प्रतीक है। चार साल से अधिक समय तक दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बने रहना किसी भी खेल में असाधारण है, और टेनिस जैसे प्रतिस्पर्धात्मक खेल में यह और भी विशिष्ट बनता है। आज तक, महिलाओं और पुरुषों दोनों वर्गों में कोई भी खिलाड़ी फेडरर के इस रिकॉर्ड के आस-पास तक नहीं पहुंच सका है। उनके बाद जिमी कोनर्स (160 हफ्ते) और इवान लेंडल (157 हफ्ते) का नाम आता है, लेकिन वे सभी फेडरर से काफी पीछे हैं। फेड...
01 फरवरी: अयातुल्ला खुमैनी का 14 वर्षों के निर्वासन के बाद ईरान में आगमन

01 फरवरी: अयातुल्ला खुमैनी का 14 वर्षों के निर्वासन के बाद ईरान में आगमन

राष्ट्रीय
तेहरान, 01 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। अयातुल्ला खुमैनी 14 वर्षों के निर्वासन के बाद 1 फरवरी, 1979 को ईरान लौटे, जहाँ उनका भव्य स्वागत किया गया। उनकी मेहराबाद हवाई अड्डे पर आगमन के बाद, उन्होंने बेहश्त-ए-ज़हरा कब्रिस्तान जाकर क्रांति के दौरान मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी। यह ईरान में एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटना के रूप में याद किया जाता है। निर्वासन से लौटने पर, उन्होंने तत्कालीन शापूर बख्तियार सरकार को अवैध घोषित कर इस्लामी क्रांति का नेतृत्व संभाला। यह घटना 1979 की इस्लामी क्रांति में एक निर्णायक मोड़ बनी। खुमैनी ने स्पष्ट किया कि वे शाह द्वारा नियुक्त सरकार को नहीं मानते और अपनी सरकार बनाने का संकल्प लिया। इसके कुछ ही दिनों बाद, शाह का शासन समाप्त हो गया और ईरान एक इस्लामी गणराज्य बन गया। अयातुल्ला खुमैनी का 1989 में निधन हो गया।...
20 जनवरी का इतिहास: भारत में मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी सेवा की शुरुआत

20 जनवरी का इतिहास: भारत में मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी सेवा की शुरुआत

राष्ट्रीय
[दिल्ली], 19 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। साल 2010 में भारत के दूरसंचार क्षेत्र में एक अहम बदलाव आया, जब मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (Mobile Number Portability – MNP) सेवा की शुरुआत की गई। इस सुविधा के तहत उपभोक्ताओं को अपना मोबाइल नंबर बदले बिना एक टेलीकॉम कंपनी से दूसरी कंपनी में जाने की आज़ादी मिली। MNP की शुरुआत के बाद ग्राहकों को अधिक विकल्प मिले और टेलीकॉम कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ी। इस कदम से सेवा की गुणवत्ता में सुधार, कॉल दरों में कमी और उपभोक्ता हितों को मजबूती मिली। मोबाइल पोर्टेबिलिटी को भारतीय दूरसंचार इतिहास में उपभोक्ता-केंद्रित सुधारों की दिशा में एक बड़ा कदम माना जाता है।...
इतिहास के पन्नों में 18 जनवरी: रुडयार्ड किपलिंग का निधन और अन्य महत्वपूर्ण घटनाएं

इतिहास के पन्नों में 18 जनवरी: रुडयार्ड किपलिंग का निधन और अन्य महत्वपूर्ण घटनाएं

राष्ट्रीय
[City], 17 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। जाने-माने ब्रिटिश लेखक और कवि रुडयार्ड किपलिंग का 70 वर्ष की उम्र में 18 जनवरी, 1936 को लंदन में निधन हो गया। औपनिवेशिक काल के दौरान 30 दिसंबर, 1865 में बंबई (वर्तमान मुम्बई) में जन्मे किपलिंग को मुख्य रूप से उनकी पुस्तक "द जंगल बुक" (1894), 'किम' (1901), 'द मैन हु वुड बी किंग' (1888) और उनकी लिखी कविताओं के लिए जाना जाता है। उनके लिखे बाल साहित्य कालजयी कृतियों में गिने जाते हैं। सन 1907 में उन्हें साहित्य के लिए 'नोबेल पुरस्कार' से सम्मानित किया गया। पुरस्कार के प्रशस्ति पत्र में कहा गया कि "आलोचना की शक्ति का महत्व, कल्पना की मौलिकता, विचारों का पौरूष और असाधारण प्रतिभा जो इस प्रसिद्ध लेखक की रचना के लिए दुनिया में चिह्नित करता है।" अन्य अहम घटनाएंः 2020 - झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा भारतीय तीरंदाजी संघ (एएआई) के नए अध्यक्ष चुने गये। 20...
इतिहास के पन्नों में 16 जनवरी : आज ही के दिन दूसरी अंतरिक्ष यात्रा पर रवाना हुई थीं कल्पना चावला

इतिहास के पन्नों में 16 जनवरी : आज ही के दिन दूसरी अंतरिक्ष यात्रा पर रवाना हुई थीं कल्पना चावला

राष्ट्रीय
[City], 15 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। **16 जनवरी** भारत के लिए गर्व और प्रेरणा की एक यादगार तारीख है। इस दिन भारतीय मूल की अंतरिक्ष वैज्ञानिक **कल्पना चावला** ने अमेरिका से अंतरिक्ष में अपनी **दूसरी उड़ान** भरी। सात समंदर पार अपने सपने को सच करते हुए उन्होंने **नासा** के **स्पेस शटल कोलंबिया** से अंतरिक्ष यात्रा की। हालांकि यह यात्रा उनके लिए अंतिम साबित हुई। **16 दिन** के मिशन के बाद **01 फरवरी 2003** को पृथ्वी पर लौटते समय स्पेस शटल दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें **कल्पना चावला** और उनके **छह** साथियों की मृत्यु हो गई। **कल्पना चावला** ने न केवल विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान में भारत का नाम रोशन किया, बल्कि अनगिनत युवा, खासकर लड़कियों को अपने सपनों को पूरा करने की प्रेरणा भी दी। महत्वपूर्ण घटनाचक्र **1547** - **इवान चतुर्थ** 'इवान द टैरिबल' **रूस** का जार बना। **1556** - **फिलिप द...
इतिहास के पन्नों में 15 जनवरी : भारत–नेपाल के भीषण भूकंप की दर्दनाक याद

इतिहास के पन्नों में 15 जनवरी : भारत–नेपाल के भीषण भूकंप की दर्दनाक याद

राष्ट्रीय
बिहार, 14 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। 15 जनवरी का दिन इतिहास के पन्नों में भारत और नेपाल के लिए एक त्रासदी के रूप में दर्ज है। वर्ष 1934 में इसी दिन आए विनाशकारी भूकंप ने व्यापक तबाही मचाई थी। इस भूकंप का केंद्र भारत के बिहार क्षेत्र और नेपाल के सीमावर्ती इलाकों के आसपास था, जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 8.4 मापी गई। भूकंप के तेज़ झटकों से शहरों और गांवों में इमारतें धराशायी हो गईं। बिहार के कई हिस्सों में सड़कें, पुल और घर पूरी तरह नष्ट हो गए, वहीं नेपाल में भी भारी जन-धन की हानि हुई। इस प्राकृतिक आपदा में अनुमानित रूप से लगभग 11 हजार लोगों की जान चली गई, जबकि असंख्य लोग घायल और बेघर हो गए। 1934 का यह भूकंप उस दौर की सबसे भयावह प्राकृतिक आपदाओं में गिना जाता है। सीमित संसाधनों और संचार व्यवस्था के अभाव के कारण राहत और बचाव कार्य भी अत्यंत कठिन रहा। इस त्रासदी ने न केवल तत्कालीन जनजीवन को...
इतिहास के पन्नों में 10 जनवरी: यशुदास के सुरीले सफर की शुरुआत

इतिहास के पन्नों में 10 जनवरी: यशुदास के सुरीले सफर की शुरुआत

राष्ट्रीय
शहर, 09 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। लेखक: LN Star News भारतीय संगीत के इतिहास में सबसे महान गायकों में शामिल कट्टस्सेरी जोसेफ येसुदास का जन्म 10 जनवरी 1940 को केरल के कोच्चि में ऑगस्टीन जोसेफ और एलिजाबेथ जोसेफ के घर हुआ था। उनके पिता प्रसिद्ध मलयालम शास्त्रीय संगीतकार और रंगमंच अभिनेता थे। यशुदास ने भारतीय शास्त्रीय, भक्ति और फिल्मी गायन के क्षेत्र में विशिष्ट स्थान बनाया है और छह दशकों के करियर में विभिन्न भाषाओं में 50,000 से अधिक गाने रिकॉर्ड किए हैं। उन्होंने एक ही दिन में अलग-अलग भाषाओं में 16 नए गाने रिकॉर्ड कराने का विश्व कीर्तिमान बनाया है। उन्हें सर्वश्रेष्ठ पुरुष पार्श्व गायन के लिए रिकॉर्ड आठ बार राष्ट्रीय पुरस्कार, फिल्मफेयर अवार्ड्स साउथ पांच बार और 36 बार राज्य पुरस्कार मिलने के गौरव हासिल हैं। कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए भारतीय सरकार ने साल 1975 में उन्हें पद्म...
प्रधानमंत्री 10-11 जनवरी को गुजरात के सोमनाथ का दौरा करेंगे, सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में होंगे शामिल

प्रधानमंत्री 10-11 जनवरी को गुजरात के सोमनाथ का दौरा करेंगे, सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में होंगे शामिल

राष्ट्रीय
नई दिल्ली, 09 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। लेखक: LN Star News प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 10-11 जनवरी को गुजरात के सोमनाथ का दौरा करेंगे और सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में भाग लेंगे। यह कार्यक्रम सोमनाथ मंदिर पर पहले आक्रमण के 1,000 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है, जो भारत की अटूट सभ्यतागत निरंतरता और अदम्य आत्मबल का प्रतीक है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने शुक्रवार को बताया कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 10 जनवरी को रात करीब 8 बजे प्रधानमंत्री सोमनाथ मंदिर परिसर में ‘ओमकार मंत्र’ के सामूहिक जाप में भाग लेंगे। इसके बाद वे मंदिर परिसर में आयोजित ड्रोन शो देखेंगे। प्रधानमंत्री 11 जनवरी को सुबह करीब 9:45 बजे शौर्य यात्रा में शामिल होंगे। यह एक भव्य और प्रतीकात्मक शोभायात्रा होगी, जिसका आयोजन सोमनाथ मंदिर की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले असंख्य वीर योद्धाओं के सम्मान में किया ...