
तेहरान, 01 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। अयातुल्ला खुमैनी 14 वर्षों के निर्वासन के बाद 1 फरवरी, 1979 को ईरान लौटे, जहाँ उनका भव्य स्वागत किया गया। उनकी मेहराबाद हवाई अड्डे पर आगमन के बाद, उन्होंने बेहश्त-ए-ज़हरा कब्रिस्तान जाकर क्रांति के दौरान मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी। यह ईरान में एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटना के रूप में याद किया जाता है।
निर्वासन से लौटने पर, उन्होंने तत्कालीन शापूर बख्तियार सरकार को अवैध घोषित कर इस्लामी क्रांति का नेतृत्व संभाला। यह घटना 1979 की इस्लामी क्रांति में एक निर्णायक मोड़ बनी। खुमैनी ने स्पष्ट किया कि वे शाह द्वारा नियुक्त सरकार को नहीं मानते और अपनी सरकार बनाने का संकल्प लिया। इसके कुछ ही दिनों बाद, शाह का शासन समाप्त हो गया और ईरान एक इस्लामी गणराज्य बन गया। अयातुल्ला खुमैनी का 1989 में निधन हो गया।
