
रायगढ़, 17 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ शासन की कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत धान की जगह अन्य खरीफ़ फसलें अपनाने के लिए किसानों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इसी दिशा में रायगढ़ जिले के ग्राम कछार के निवासी किसान इंदर पटेल ने अपने दो एकड़ भूमि पर धान के बजाय मूंगफली की खेती की है और योजना के अनुसार उन्हें आदान सहायता प्राप्त होगी।
इंदर पटेल के पास कुल 10‑12 एकड़ कृषि भूमि है। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग द्वारा उन्हें मूंगफली के बीज निशुल्क प्रदान किए गए। धान की तुलना में मूंगफली की खेती में लागत कम आती है, दवाइयों का उपयोग कम होता है और श्रम की आवश्यकता भी घटती है, इसलिए उन्होंने इस फसल को चुना। पटेल के अनुसार धान की खेती में प्रति एकड़ 30‑35 हजार रुपये तक खर्च होते हैं, जबकि मूंगफली की खेती में इसी अवधि में लागत उल्लेखनीय रूप से कम रहती है और आर्थिक लाभ अधिक मिलने की संभावना है।
उन्होने कहा, “ध्यान में रखकर कि धान की खेती महंगी और संसाधन‑गहन है, मैंने कृषक उन्नति योजना की प्रेरणा से मूंगफली को अपनाया। इससे न सिर्फ लागत में बचत होगी बल्कि आय में भी बढ़ोतरी की उम्मीद है। मैं प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का इस पहल के लिए धन्यवाद करता हूँ।”
कृषक उन्नति योजना के तहत धान के स्थान पर दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी तथा कपास जैसी फसलें लगाने वाले पात्र किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये की आदान सहायता दी जाएगी। इंदर पटेल द्वारा धान के बदले मूंगफली की खेती अपनाकर फसल विविधीकरण की दिशा में एक सकारात्मक कदम उठाया गया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को वैकल्पिक फसलों की ओर आकर्षित करना, कृषि में विविधता लाना और उनकी आय के अवसर बढ़ाना है।
