
सूरजपुर, 17 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। बच्चों की शिक्षा, पोषण और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति की जाँच करने हेतु कलेक्टर रेना जमील ने शनिवार को प्रेमनगर विकासखंड के आदिवासी बालक आश्रम और कई आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने साफ‑सफाई, रख‑रखाव, बच्चों की उपस्थिति और नवनिर्मित भवन की गुणवत्ता में कई लापरवाहियां देखी। इन कमियों पर कलेक्टर ने नाराज़गी व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही तुरंत सुधारात्मक कार्य करने को कहा।
आश्रम में निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने बताया कि सफ़ाई की कमी, रोशनी की अपर्याप्त व्यवस्था, रसोईघर व शौचालयों की अनियमित सफ़ाई तथा रंगाई‑पुताई और मरम्मत कार्यों में देरी बच्चों के लिए असुरक्षित वातावरण बनाती है। उन्होंने मंडल संयोजक को कारण बताओ नोटिस जारी करने और परिसर में पर्याप्त रोशनी, नियमित सफ़ाई एवं आवश्यक मरम्मत तुरंत करवाने का आदेश दिया।
इसके बाद कलेक्टर ने बकिरमा सेक्टर के सलेहपारा महोरा आंगनबाड़ी केंद्र और महुआरीपारा के नवनिर्मित आंगनबाड़ी भवन का दौरा किया। उन्होंने बच्चों से बारहखड़ी और अंग्रेजी वर्णमाला के बारे में सवाल पूछे, जिससे शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी मिली। लेकिन बच्चों की उपस्थिति में कमी देखी गई, जिसके कारण उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया और सुपरवाइज़र एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) को कारण बताओ नोटिस जारी करने को कहा।
नवनिर्मित आंगनबाड़ी भवन की जाँच में निर्माण गुणवत्ता में स्पष्ट त्रुटियां पाई गईं। कलेक्टर ने निर्माण में लापरवाही के लिए जिम्मेदारियों का निर्धारण करने और आवश्यक सुधार कार्य को निर्धारित मानकों के अनुसार करवाने का आदेश दिया।
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विजेंद्र सिंह पाटले, अपर कलेक्टर नयनतारा सिंह तोमर और संबंधित विभागों के अधिकारी‑कर्मचारी उपस्थित रहे।
