
भोपाल, 17 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश में नल‑जल योजना के कार्यान्वयन को लेकर कांग्रेस ने सतना, मैहर तथा राज्य के अन्य कई जिलों में वित्तीय अनियमितताओं, निर्माण में देरी और जल‑आपूर्ति की वास्तविक स्थिति पर सवाल उठाए हैं। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक और प्रदेश प्रवक्ता रितेश त्रिपाठी ने शनिवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में इन मामलों की स्वतंत्र उच्चस्तरीय जांच की तुरंत माँग की। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं पर खर्च, वास्तविक निर्माण, बिलिंग और प्रत्येक गाँव में पानी की उपलब्धता का पारदर्शी विवरण सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
मुकेश नायक ने बताया कि सतना और मैहर में नल‑जल परियोजनाओं पर लगभग 3,200 करोड़ रुपये खर्च किए जाने के बावजूद वास्तविक कार्य केवल 500 करोड़ रुपये के बराबर होने का अनुमान लगाया गया है। उन्होंने कहा कि इस आंकड़े की स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए ताकि खर्च और निर्माण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। कांग्रेस ने परियोजना‑वार वित्तीय ऑडिट, तकनीकी परीक्षण और ग्राम‑स्तर पर भौतिक सत्यापन की मांग की है।
मैहर जिले की बाणसागर समूह जलप्रदाय योजना का उल्लेख करते हुए नायक ने कहा कि 2018 में शुरू हुई इस परियोजना की लागत लगभग 1,200 करोड़ रुपये बताई गई है, जिसमें 980 पंचायतों तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य था। लेकिन कंपनी का दावा है कि 100 गाँवों में जल उपलब्ध कराया गया, जबकि शिकायतों में केवल 30‑40 गाँवों में ही नियमित आपूर्ति हो रही है। कांग्रेस ने सरकार को प्रत्येक गाँव में पाइपलाइन बिछावन, घरेलू कनेक्शन और नियमित जल‑आपूर्ति की स्थिति स्पष्ट करने का अनुरोध किया।
सतना जिले में एलएंडटी‑संबंधी 2,000 करोड़ रुपये की परियोजना में देरी के बारे में भी सवाल उठे। यदि मार्च 2025 की निर्धारित समय‑सीमा के बाद भी कार्य लंबित रहता है, तो अनुबंध शर्तों के अनुसार विलंब दंड या अन्य कार्रवाई की गई है या नहीं, इसका विवरण माँगा गया।
नायकों ने विभिन्न गाँवों (मदनी, पिंडरा, जखौरा आदि) में सड़क मरम्मत और रेस्टोरेशन के भुगतान में संभावित अनियमितताओं पर भी जांच की मांग की। उन्होंने बताया कि कुछ पंचायतों में दो‑तीन करोड़ रुपये तक की अनियमितताओं का संदेह है, और भुगतान अभिलेखों, कार्य‑समाप्ति प्रमाणपत्रों तथा वास्तविक निर्माण की तुलना करवाना आवश्यक है।
पाइपलाइन क्षति संबंधी आरोपों में 200 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की पाइपलाइन के नुकसान और मैहर के बगहा‑से‑मझगवां क्षेत्र में लगभग 65 किमी पाइपलाइन के टूटने की बात शामिल है। कांग्रेस ने इन दावों की स्वतंत्र तकनीकी जांच, पाइप जॉइंट में उपयोग हुई ग्रीस की गुणवत्ता परीक्षण और सामग्री को मानक के अनुरूप सिद्ध करने की मांग की।
मैहर के बड़ा इटमा गाँव में पाइप चोरी की एफआईआर से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच और अमरपाटन के पापड़ा में प्रस्तावित 500 करोड़ रुपये के मेगा‑टैंक की भूमि‑अभिलेखों, निर्माण अनुमति और न्यायालयीन आदेशों की समीक्षा करने का भी आग्रह किया गया।
अंत में कांग्रेस ने कहा कि जल‑शुल्क वसूली से पहले सभी गाँवों में नियमित जल‑आपूर्ति सुनिश्चित की जानी चाहिए, और जहाँ पानी नहीं पहुँच रहा है, वहाँ शुल्क वसूली की वैधता पर स्पष्टता लानी आवश्यक है।
