
जगदलपुर, 17 अक्टूबर (हिंदी समाचार) – बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद और बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष महेश कश्यप ने आज शनिवार को किलेपाल में आयोजित बैठक में माड़िया समाज के उन सदस्यों से मुलाकात की जो पीढ़ियों से बस्तर दशहरा के ऐतिहासिक रथ को खींचने की परंपरा को निभाते आए हैं। इस अवसर पर उन्होंने 21 एवं 22 अक्टूबर को होने वाले महापर्व में रथ खींचने की कार्यवाही में भाग लेने हेतु समाज के सदस्यों को ससम्मान आमंत्रित किया।
बैठक के दौरान सांसद महेश कश्यप ने कहा, “बस्तर दशहरा अपनी विशिष्ट परम्पराओं, जनजातीय आस्था और सांस्कृतिक वैभव के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। इस महापर्व में माड़िया समाज की सहभागिता पीढ़ियों से चली आ रही गौरवशाली परम्परा का अभिन्न अंग है, जो बस्तर की सांस्कृतिक पहचान को विशिष्ट बनाती है।” उन्होंने यह भी कहा कि ऐतिहासिक रथ को खींचने की परम्परा जनजातीय समाज की आस्था, समर्पण और सामूहिक सहभागिता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।
सांसद ने यह उजागर किया कि बस्तर दशहरा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, सामाजिक समरसता और पीढ़ियों से संरक्षित परम्पराओं का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा, “विविध समाजों की सहभागिता और परम्पराओं के प्रति उनका अटूट विश्वास ही इस महापर्व को विशेष बनाता है।”
अंत में महेश कश्यप ने मातामावली एवं दंतेश्वरी के आशीर्वाद से बस्तर की यह अमूल्य सांस्कृतिक विरासत आने वाली पीढ़ियों तक अक्षुण्ण बनी रहे, तथा बस्तर दशहरा की गौरवशाली परम्पराएँ निरंतर आगे बढ़ती रहें, ऐसी कामना व्यक्त की। उन्होंने पुनः सभी माड़िया समाज के सदस्यों को रथ खींचने की परम्परा में भाग लेने के लिए सादर आमंत्रित किया, जिससे इस ऐतिहासिक उत्सव की सामाजिक एवं सांस्कृतिक एकता और सुदृढ़ हो।
