
सूरजपुर, 17 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। ग्रामीणों की आजीविका सुदृढ़ करने और जल संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रशासन ने केदारपुर के मिट्टी बांध में मछली पालन की शुरुआत करने की योजना बनायी है। इस दिशा में कलेक्टर रेना जमील ने विकसित भारत जी-राम-जी योजना के अन्तर्गत निर्मित इस बांध का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने जल संग्रहण की वर्तमान स्थिति, किसानों को उपलब्ध सिंचाई सुविधाओं और पानी के उपयोग से संबंधित जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि गाँव के लोगों को अतिरिक्त आय प्रदान करने वाले कार्यों से जोड़ा जाए।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मिट्टी बांध में जमा जल का उपयोग गर्मी के मौसम में आसपास के किसानों को तरबूज, टमाटर तथा अन्य सब्जियों की फसल हेतु किया जाता है। वहीँ, खरीफ की फसल में धान की बुआई के लिये भी इस जल को संग्रहित किया जाता है। इससे न केवल सिंचाई की सुविधा मिलती है, बल्कि कृषि से जुड़ी आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
इन तथ्यों को देख कर कलेक्टर रेना जमील ने बांध में उपलब्ध जल की पर्याप्तता और गर्मी के महीनों में जल संग्रहण की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए यहाँ मछली पालन की शुरुआत करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा, “जल संरक्षण के साथ-साथ जल संसाधनों का उपयोग ग्रामीणों की आजीविका सशक्त करने के लिये भी किया जाना चाहिए। इससे स्थानीय लोग खेती के साथ‑साथ एक अतिरिक्त आय का साधन प्राप्त कर सकेंगे।”
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि वे ग्रामीणों को मछली पालन जैसी रोजगार‑आधारित गतिविधियों से जोड़ें और उपलब्ध जल संसाधनों का उचित उपयोग सुनिश्चित करें। निरीक्षण में जिला पंचायत सीईओ विजेंद्र सिंह पाटले, अपर कलेक्टर नयनतारा सिंह तोमर और अन्य अधिकारी‑कर्मचारी मौजूद रहे।
