
प्रयागराज, 17 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक हत्या के मामले में सजा काट रहे कृष्ण कुमार पांडेय को आपराधिक अपील पर सुनवाई तक जमानत प्रदान कर दी है। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ और न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने अपील में सजा निलंबन की अर्जी को स्वीकार किया। अपीलकर्ता को थाना थरवई, जिला प्रयागराज में दर्ज आपराधिक मामले में सत्र अदालत द्वारा दोषी ठहराया गया था और उसे दण्डित किया गया था।
अपीलकर्ता के अधिवक्ता ने यह तर्क दिया कि उनका मुवक्किल अब तक सात साल से अधिक की वास्तविक कैद काट चुका है और इस हत्या के अलावा उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। उन्होंने कहा कि यह अपील 2024 में दायर की गई है और निकट भविष्य में इसकी सुनवाई की संभावना नहीं है, इसलिए सशर्त जमानत दी जानी चाहिए।
अपर शासकीय अधिवक्ता ने जमानत के खिलाफ कड़ा विरोध किया, परंतु बचाव पक्ष की दलीलों को खंडित नहीं कर पाया। पैनल ने उल्लेख किया कि हर दिन दो सौ से अधिक आपराधिक अपीलें सूचीबद्ध होती हैं और सभी के गुण‑दोष का त्वरित मूल्यांकन मानवीय रूप से संभव नहीं है। इस कारण, इस अपील की निकट भविष्य में सुनवाई की संभावना भी बहुत कम है।
न्यायालय ने सुप्रीम कोर्ट के मदन सिंह केस के फैसले को भी ध्यान में रखते हुए, अपीलकर्ता को सशर्त जमानत मंजूर कर दी। इसके अतिरिक्त, अदालत ने कोर्ट के कार्यालय को आदेश दिया कि वह छह सप्ताह के भीतर पेपर बुक तैयार करे और अपील को उचित समय पर सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करे। इस आदेश के बाद, कृष्ण कुमार पांडेय को अपील के निराकरण तक जेल से रिहा किया गया है, जबकि मामले की अंतिम सुनवाई अभी बाकी है।
