
भोपाल, 16 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में स्थित बनखेड़ी के ग्राम खापा खुर्द निवासी बिलाश टांटी शर्मा (शिवानी) के परिवार ने अपनी ममता से यह साबित कर दिया है कि मानवता, संवेदनशीलता और परोपकार की मिसाल हर किसी को प्रेरित कर सकती है।
श्रीमती शिवानी सड़क दुर्घटना में ब्रेन डेड हुईं थीं, जिससे उनके जीवन की समृद्धि के लिए एक नया मार्ग प्रशस्त हुआ। उनके पति, बिलाश टांटी शर्मा, ने अथक प्रयासों के बाद एम्स, भोपाल में अंगदान के लिए सहमति जताई, जिससे तीन अलग-अलग परिवारों के लिए जीवन की नई किरणें खुलीं।

इस कदम की तारीफ करते हुए, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को अपने संदेश में कहा: “असहनीय दुःख की घड़ी में हमारे परिजन ने अंगदान का निर्णय लेकर मानवता, संवेदनशीलता और परोपकार की ऐसी मिसाल पेश की, जो सभी को प्रेरित करेगी।” उन्होंने यह भी जोड़ते हुए राज्य शासन के निर्णय के अनुसार, स्व. शिवानी के पैतृक गांव में पार्थिव देह को मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ी है और सकारात्मक बदलाव आया है। समाज में जीवन बचाने के इस पुनीत कार्य के प्रति संवेदनशीलता बढ़ रही है, और स्व. शिवानी का यह महान दान तीन परिवारों के जीवन में नई उम्मीद बनकर आया है। उनका योगदान मानवता के लिए सदैव स्मरणीय रहेगा, और यह कहानी यह प्रमाणित करती है कि दान के कार्य से न सिर्फ एक जीवन बचाया जाता है, बल्कि सम्पूर्ण समाज में सहानुभूति और मानवता की भावना को भी बल मिलता है।
