
नई दिल्ली, 16 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को आशावादी टिप्पणी की कि वैश्विक व्यापार के लाभ और भारत‑अमेरिका द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों के लिए आवश्यक भारत‑अमेरिका व्यापार समझौता जल्द ही अंतिम रूप ले लेगा।
वित्त मंत्रालय ने अपनी आधिकारिक पोस्ट में बताया कि सीतारमण ने बैंकॉक (थाईलैंड) में आयोजित अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष‑विश्व बैंक की वार्षिक बैठकों के दौरान, साउथ एशिया रेजिडेंट सीनियर फेलो माइकल कुगेलमैन के साथ एक इंटरैक्टिव सत्र में यह बात कही। उन्होंने कहा, “दोनों देशों के बीच बातचीत अभी चल रही है। मुझे विश्वास है कि वैश्विक व्यापार और हमारे दो साझेदारों, भारत और अमेरिका के बीच के व्यापार के हित में, यह समझौता जल्द से जल्द पूरा हो जाएगा।”
सीतारमण ने यह भी बताया कि कई वर्षों से बीजिंग के साथ चल रही बातचीत के बावजूद, बढ़ता व्यापार असंतुलन और चीन में भारतीय उत्पादों की बाजार तक पहुँच पर निरंतर लगाई गई पाबंदियों को लेकर चिंता अभी भी बरकरार है। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद भारत ने अपनी आर्थिक गति को बनाए रखने में सफलता पाई है।

वित्त मंत्री ने भारत की जीडीपी ग्रोथ पर प्रकाश डालते हुए कहा, “कोविड‑19 के बाद पिछले चार‑पांच वर्षों में हम सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक रहे हैं। यह प्रदर्शन हमारे निरंतर प्रयासों का परिणाम है, जिसमें ‘समावेशी’ विकास प्रमुख है।” उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सभी वर्गों को संसाधनों तक पहुँच, युवाओं को कौशल विकास के अवसर, और वित्तीय अनुशासन को बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।
“हम सार्वजनिक धन के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी को समझते हैं और अनियंत्रित खर्च नहीं कर सकते, भले ही हमें अर्थव्यवस्था के कमजोर वर्गों का ख्याल रखना पड़े,” सीतारमण ने जोड़ा।
ध्यान देने योग्य बात यह है कि केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि भारत‑अमेरिका व्यापार समझौते का पहला चरण पहले ही तय हो चुका है और अब उसका कानूनी मसौदा तैयार किया जा रहा है।
