
धार, 16 अक्टूबर (हि.स.)—मध्य प्रदेश के धारा जिले के राजगढ़ के एक गांव में कपास की फसलों के बीच छिपाकर की जा रही अवैध गांजे की खेती का पुलिस ने सफलतापूर्वक भंडाफ़ोड़ किया। मुख़बिर से मिली जानकारी के बाद राजगढ़ थाना के अधिकारियों ने ग्राम चोबारा में दबिश लगाई और 4.43 करोड़ रुपये मूल्य के हरे गांजे को बरामद करने में सफलता प्राप्त की।
राजगढ़ थाना प्रभारी समीर पाटीदार ने शुक्रवार को मामले की जानकारी देते हुए कहा कि ग्राम चोबारा के निवासी राजू पुत्र डुंगरसिंह भुरिया ने अपने कब्जे वाले खेत में कपास की फसलों के बीच बड़े पैमाने पर गांजे के पौधे उगाए थे। पुलिस टीम ने 13 अक्टूबर की शाम से 15 अक्टूबर की रात 8:00 बजे तक चलाए गए सघन अभियान के दौरान कुल 3,345 गांजे के पौधे जब्त किए। बरामद किए गए पौधों का कुल वजन 3,695.15 किलोग्राम (लगभग 37 क्विंटल) बताया गया है, जिसका अनुमानित बाज़ार मूल्य 4 करोड़ 43 लाख 41 हजार 800 रुपये है।

कार्रवाई के बाद राजगढ़ पुलिस ने 16 अक्टूबर (गुरुवार‑शुक्रवार की मध्यरात्रि) को सुबह 02:11 घंटे पर आरोपी राजू भुरिया के विरुद्ध *स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम* (एनडीपीएस एक्ट) की धारा 8/20 के तहत विधिवत प्रकरण दर्ज किया। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आरोपी इतना बड़े पैमाने पर तैयार किए जा रहे अवैध मादक पदार्थ की आपूर्ति किन नेटवर्क और तस्करों के माध्यम से करने की योजना बना रहा था।
यह घटना धारा जिले में नशे के नियंत्रण और कृषि भूमि के दुरुपयोग को लेकर बढ़ती चिंता को उजागर करती है, तथा स्थानीय प्रशासन को इस प्रकार की अवैध खेती को रोकने के लिए सख़्त कदम उठाने की आवश्यकता पर बल देती है।
