
अदन, 16 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। हूती के समर्थक समूह ने यमन के राजधानी के निकट अदन शहर में स्थित अल‑माशिक राष्ट्रपति महल को लक्षित किया। इस मिसाइल हमले में पाँच लोगों की मौत हो गई और १६ लोग घायल हुए, जैसा कि यमन के स्वास्थ्य मंत्री कासिम मोहम्मद बुहैबेह ने पुष्टि की। सरकार का कहना है कि प्रधानमंत्री और उनके मंत्रिमंडल के सदस्य बाल‑बाल बच गए।
अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, हूती प्रवक्ता याह्या सारी ने गुरुवार को इस हमले की ज़िम्मेदारी ली और कहा, “अदन में सऊदी दुश्मन के युद्ध संचालन मुख्यालय पर बमबारी, हमारी घोषित नीति का हिस्सा है; हम सऊदी की किसी भी सैन्य मौजूदगी को अपने खिलाफ मानते हैं।”
यमन के राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के अध्यक्ष रशाद अल‑अलीमी ने इस हमले को देश और सऊदी अरब में हवाई अड्डों व तेल सुविधाओं पर हुए क्रमिक हमलों की श्रृंखला बताया। उन्होंने सरकारी बलों को “यमन उदय” अभियान के तहत संस्थानों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया। यह अभियान इस महीने शुरू हुआ है और उसका लक्ष्य सरकारी अधिकार का विस्तार कर राजधानी सना तक पहुँचना है।
अल अरबिया के अनुसार, युवा मामलों के मंत्री नायेफ सालेह अल‑बकरी ने कहा कि सभी मंत्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित है और हमले के बाद भी प्रधानमंत्री और उनका दल अदन नहीं छोड़ेंगे।
सरकारी सेना ने कहा कि पिछले २४ घंटों में उन्होंने हूती ठिकानों पर १,२५० हमले किए, जिनमें लड़ाकू विमानों, ड्रोन, तोपखाने और रॉकेट लॉन्चर का प्रयोग हुआ। इस ऑपरेशन में १५० हूती वाहनों को नष्ट किया गया, जिससे हूती को ताइज में बड़ा नुकसान पहुँचा।
सऊदी अरब ने हूती पर युद्ध अपराध का आरोप लगाया और बताया कि वे मुसलमानों के पवित्र स्थल और तीर्थयात्रियों को खतरे में डाल रहे हैं। इसी बीच अमेरिकी दूतावास ने सऊदी हवाई अड्डों पर संभावित हमलों की चेतावनी जारी की और अपने कर्मियों की यात्रा पर रोक लगाई। यमन के ताइज में धी अल‑बारीह और जाबा में हूती ठिकानों को निशाना बनाकर दो हवाई हमले भी किए गए।
