
मध्य प्रदेश, 16 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। मच्छर के बाद भी मानसून के बाद की बारिश का सिलसिला थमा नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के उत्तरी भाग में पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण के सक्रिय रहने से आने वाले चार दिनों तक ग्वालियर, चंबल, उज्जैन, सागर और रीवा संभाग में मौसम में बदलाव देखा जाएगा। शुक्रवार को ग्वालियर, शिवपुरी, भिंड, मुरैना और श्योपुर में आंधी‑बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
17 अक्टूबर को भी कई जिलों में बारिश होने की संभावना है। 18 और 19 अक्टूबर को भी कुछ इलाकों में बारिश जारी रह सकती है। 20 अक्टूबर के बाद रात के तापमान में गिरावट के साथ ठंड का असर बढ़ने का अनुमान है। 15 अक्टूबर को दक्षिण‑पश्चिम मानसून आधिकारिक तौर पर लौट चुका था, पर कई मौसमी प्रणालियां सक्रिय होने के कारण बारिश जारी है। एक ट्रफ मध्यप्रदेश से गुजर रहा है, जबकि उत्तरी हिस्से में दो सिस्टम सक्रिय हैं, जिससे आने वाले दिनों में मौसम बदल सकता है।
शुक्रवार को ग्वालियर, शिवपुरी, भिंड, मुरैना में आंधी के साथ बारिश होने की संभावना है। 17 अक्टूबर को ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, आगर‑मालवा, राजगढ़, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में बारिश का अनुमान है। इन जिलों में 18 और 19 अक्टूबर को भी पानी गिर सकता है। इसके पहले गुरुवार को नीमच, मंदसौर, ग्वालियर, शिवपुरी, भिंड और मुरैना में हल्की बारिश हुई थी। इन जिलों में बादल छाए रहे और आंधी जैसी मौसमी स्थिति बनी रही।
बारिश के साथ रात के तापमान में भी गिरावट आ रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 20 अक्टूबर के बाद रात में ठंड का असर और बढ़ेगा। अब तक कई शहरों में न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा है। अनूपपुर के अमरकंटक में सबसे ठंडा रहा, जहाँ न्यूनतम 15.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। शाजापुर में 17.4, भोपाल में 17.6 और इंदौर व बालाघाट के मलाजखंड में 17.8 डिग्री तापमान रिकार्ड हुआ। रायसेन और छिंदवाड़ा में न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस रहा।
