दुबई। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में कॉकपिट के भीतर हुए जानलेवा हमले और विमान को हाईजैक करने की कथित कोशिश के मामले में नया विवाद सामने आया है। अमेरिकी अखबार ‘न्यूयॉर्क पोस्ट’ को दिए एक विशेष इंटरव्यू में विमान में सवार इजरायली यात्रियों ने केबिन क्रू के व्यवहार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। यात्रियों का आरोप है कि जब उन्होंने ओमानी को-पायलट हम्माम अल-हम्मामी को काबू में कर उसके हाथ-पैर बांध दिए, तो क्रू के सदस्यों ने उसे छोड़ने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया।
हेडफोन के तारों से बांधे हमलावर के हाथ
विमान में हमलावर को काबू करने में अहम भूमिका निभाने वाले बैंकिंग एग्जीक्यूटिव ज्विका मानेस, प्लंबर यानिव हयून और असाफ राजुआन ने घटना के भयावह पलों का ब्योरा साझा किया।
यात्रियों के मुताबिक, ओमानी को-पायलट अल-हम्मामी ने चाकू और क्रैश-एक्स से हमला किया था। इस दौरान भारतीय कैप्टन स्मित मछार गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बावजूद उन्होंने कॉकपिट का इमरजेंसी लॉक खोल दिया, जिसके बाद अंदर पहुंचे यात्रियों ने हमलावर को दबोच लिया। उन्होंने पहले जिप वायर और फिर यात्रियों के हेडफोन के तारों की मदद से उसके हाथ पीछे की ओर बांध दिए।
ज्विका मानेस ने बताया कि हमलावर को काबू करने के बाद क्रू के सदस्य यात्रियों से बहस करने लगे। उनके अनुसार, क्रू ने हमलावर को खोलने के लिए कहते हुए कहा, ‘तुम भगवान नहीं हो, तुम इसे जान से नहीं मारोगे।’
मानेस के मुताबिक, यात्रियों ने जवाब दिया कि उनका इरादा हमलावर को मारने का नहीं है, बल्कि वे सिर्फ यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि वह दोबारा किसी पर हमला न कर सके।
क्रू को बीच की सीटों पर बैठाया, कॉकपिट के बाहर पहरा
विमान की दूसरी पंक्ति में बैठे रियल एस्टेट प्रोफेशनल डैनियल श्लिचटर ने बताया कि क्रू के व्यवहार से यात्रियों के मन में संदेह पैदा हो गया था। उनके मुताबिक, क्रू के सदस्य लगातार यह कह रहे थे कि विमान उनका है और यात्रियों को कॉकपिट के बाहर से हट जाना चाहिए।
हालांकि, संभावित साजिश की आशंका के चलते इजरायली यात्रियों ने क्रू की बात मानने से इनकार कर दिया। मानेस ने बताया कि यात्रियों ने स्पष्ट कर दिया कि अब विमान में स्थिति को संभालने की जिम्मेदारी वे अपने हाथ में ले रहे हैं। इसके बाद एयरहोस्टेस और अन्य क्रू सदस्यों को कॉकपिट के पास से हटाकर विमान के बीच की सीटों पर बैठने के लिए कहा गया।
यात्रियों ने एक मजबूत कद-काठी वाले यात्री को कॉकपिट के दरवाजे पर पहरे के लिए तैनात कर दिया। इसका उद्देश्य किसी भी क्रू सदस्य या संदिग्ध व्यक्ति को दोबारा कॉकपिट अथवा वहां मौजूद पायलटों तक पहुंचने से रोकना था।
सऊदी अरब के तबुक में कराई गई इमरजेंसी लैंडिंग
कॉकपिट में हुई हिंसक घटना के बाद विमान में यात्री के रूप में सफर कर रहे दो अन्य ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने विमान का नियंत्रण संभाला। वहीं, पेशे से डेंटिस्ट एक यात्री ने घायल भारतीय कैप्टन स्मित मछार के खून को रोकने और उन्हें प्राथमिक उपचार देने में मदद की।
इसके बाद विमान की सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।
इस नए खुलासे के बाद फ्लाईदुबई के केबिन क्रू की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है। खबर के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात और इजराइल की जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि क्रू सदस्यों ने कथित तौर पर हमलावर को-पायलट को छोड़ने के लिए दबाव क्यों बनाया था। हालांकि, यात्रियों के इन आरोपों और जांच की स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
