भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में मानसून (Monsoon) अब विदाई की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार इसी सप्ताह प्रदेश से मानसून की वापसी शुरू हो सकती है। सबसे पहले उज्जैन (Ujjain) और ग्वालियर संभाग (Gwalior Division) के जिलों से मानसून लौटेगा। इसके बाद इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम और सागर संभाग से भी इसकी विदाई होगी। मानसून की वापसी से पहले अगले तीन दिन प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश (Light Rain), बूंदाबांदी और गरज-चमक का दौर देखने को मिल सकता है। बुधवार को 19 जिलों में बूंदाबांदी, आंधी और गरज-चमक की संभावना है। वहीं, प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्से में मौसम साफ रहने और तेज धूप निकलने का अनुमान है।
उत्तर-पश्चिम से शुरू होगी मानसून की वापसी
मौसम केंद्र के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी रेखा राजस्थान और पंजाब के कई हिस्सों से आगे बढ़ते हुए मध्य प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र तक पहुंच चुकी है। इसी वजह से प्रदेश में मानसून की विदाई की शुरुआत उज्जैन और ग्वालियर संभाग से होने की संभावना है।इसके बाद मानसून इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम और सागर संभाग से पीछे हटेगा। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक 1 और 2 अक्टूबर को कुछ जिलों में ही बूंदाबांदी होगी, जबकि 3 अक्टूबर से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां लगभग खत्म होने की स्थिति में पहुंच जाएंगी।
आज इन इलाकों में बूंदाबांदी के आसार
बैतूल, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर और पन्ना में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं आंधी और गरज-चमक की स्थिति भी बन सकती है। दूसरी ओर भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, सागर, दमोह, नरसिंहपुर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में मौसम मुख्यतः साफ रहने और धूप निकलने का अनुमान है।
पूर्वी एमपी में बारिश ज्यादा, पश्चिमी हिस्से में कमी
इस मानसून सीजन में पूर्वी मध्य प्रदेश में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग को मिलाकर बारिश का आंकड़ा सामान्य से करीब 4 प्रतिशत ज्यादा है। हालांकि बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 3 से 21 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर रही। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9 से 51 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।
26 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
अनूपपुर, छतरपुर, डिंडोरी, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। मानसून सीजन अब अंतिम दौर में पहुंच चुका है। मौजूदा बारिश के आंकड़ों को देखते हुए इस बार प्रदेश में सामान्य बारिश का आंकड़ा 100 प्रतिशत तक पहुंचने की संभावना कम है।
