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ईरान ने पहली बार इजराइल पर दागी सेजिल बैलिस्टिक मिसाइल, कहा- अमेरिका से युद्धविराम की पेशकश नहीं की


तेहरान। अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध का आज 17वां दिन है। ईरान ने रविवार को इस लड़ाई में पहली बार इजराइल पर ‘सेजिल बैलिस्टिक मिसाइल’ से हमला किया। यह जानकारी ईरान इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की न्यूज एजेंसी तसनीम ने दी। इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कल कहा कि ईरान ने न तो युद्धविराम की मांग की है और न ही अमेरिका से बातचीत की पेशकश की है। जब तक जरूरत होगी ईरान अपनी रक्षा करता रहेगा।

आईआरजीसी ने कहा कि सेजिल के माध्यम से इजराइल के सैन्य और रक्षा सुविधा को निशाना बनाया गया है। यह मिसाइल 2000-2500 किलोमीटर तक हमला कर सकती है। 28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल के आक्रामक युद्ध शुरू होने के बाद से यह पहली बार है जब सेजिल मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। आईआरजीसी जनसंपर्क कार्यालय के अनुसार, इस हमले के दौरान अन्य मिसाइलों का भी प्रयोग किया गया। 28 फरवरी के हमलों में पूरे ईरान में सैन्य और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। इससे भारी जान-माल का नुकसान हुआ और बुनियादी ढांचे को व्यापक क्षति पहुंची है। इसके जवाब में ईरानी सशस्त्र बलों ने युद्ध शुरू किया है।

वहीं, अमेरिकी न्यूज चैनल सीबीएस न्यूज को दिए साक्षात्कार में ईरान के विदेशमंत्री अब्बास अराघची ने कल कहा कि ईरान ने न तो युद्धविराम की मांग की है और न ही अमेरिका से बातचीत की कोशिश की है। जब तक जरूरत होगी ईरान खुद की रक्षा करता रहेगा। उन्होंने कहा कि ईरान इस संघर्ष में पीछे हटने वाला नहीं है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को यह स्वीकार करना होगा कि यह युद्ध न्यायसंगत नहीं है। जब तक वह स्वीकार नहीं करते, तब तक ईरान जवाब देता रहेगा।

अराघची ने कहा कि अमेरिकी हमलों के बाद देश की परमाणु सामग्री जमीन के नीचे दब गई है। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस सामग्री को शायद निकाला जा सके, लेकिन अभी यह पहुंच से बाहर है। ईरान की फिलहाल इसे वापस निकालने की कोई योजना नहीं है। अराघची ने कहा कि हालिया तनाव बढ़ने से पहले, अमेरिका के साथ बातचीत के दौरान ईरान अपनी अत्यधिक समृद्ध सामग्री के भंडार को कम करने के लिए पहले तैयार था।

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