
वाशिंगटन, 03 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिका और भारत के बीच एक व्यापार समझौता हो गया है, जिसके तहत दोनों देशों द्वारा एक-दूसरे के सामान पर टैरिफ तुरंत कम किए जाएंगे। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस से तेल खरीदना बंद करने का वादा किया है और अमेरिका तथा संभवतः वेनेजुएला से अधिक तेल खरीदने का भी। ट्रंप ने सोमवार को भारतीय नेता के साथ बातचीत के बाद अपनी पोस्ट में लिखा कि मोदी ने समझौते के तहत अमेरिका के उत्पादों की अधिक मात्रा में खरीद करने पर भी सहमति जताई है।
ट्रंप की घोषणा का विवरण देते हुए सीएनबीसी ने उनके शब्दों को साझा किया: “आज सुबह भारत के प्रधानमंत्री मोदी से बात करके मुझे बहुत अच्छा लगा। वह मेरे करीबी दोस्तों में से एक हैं और अपने देश के ताकतवर नेता हैं। हमारे बीच व्यापार और यूक्रेन-रूस के बीच लगातार चल रहे युद्ध को समाप्त करने जैसी कई महत्वपूर्ण चर्चाएँ हुईं। उन्होंने रूस से तेल खरीदना बंद करने और अमेरिका से व्यापक स्तर पर खरीददारी की सहमति दी। इस मित्रता के नाते हम तुरंत प्रभाव से दोनों देशों के बीच एक ट्रेड डील पर सहमत हुए हैं, जिसमें अमेरिका रेसिप्रोकल टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। भारत भी अपने टैरिफ और नॉन-टैरिफ बैरियर्स को शून्य करने पर सहमत हुआ है। इसके तहत, मोदी ने अमेरिकी उत्पादों, खासकर ऊर्जा, टेक्नोलॉजी, एग्रीकल्चर और अन्य क्षेत्रों में, बाय अमेरिकन’ नीति के तहत अधिक खरीददारी का वादा किया है। हमारे बीच के यह संबंध और मजबूत होंगे।
व्हाइट हाउस ने इस विषय पर तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की। अमेरिकी कानूनी विशेषज्ञों और कुछ डेमोक्रेटिक सांसदों ने यह सवाल उठाया है कि क्या ट्रंप इस समझौते को बिना कांग्रेस की मंजूरी के कर सकते हैं। ट्रंप और उनके समर्थकों का कहना है कि कांग्रेस ने ऐसे सौदे करने के लिए कार्यकारी शाखा को अधिकार दिया है।
कस्टम ब्रोकर्स के प्रतिनिधि लोरी मुलिंस ने कहा कि उनका समूह ट्रंप की घोषणाओं पर तुरंत प्रतिक्रिया नहीं देगा। उन्होंने कहा, “यह तभी आधिकारिक होगा जब फेडरल रजिस्टर में विवरण ठीक से पोस्ट किया जाएगा।”
पिछले साल व्यापार वार्ताएँ कई मुद्दों पर अटक गई थीं, जिसमें भारत का रूस से तेल खरीदना भी शामिल था।
प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप के इस फैसले पर धन्यवाद दिया और कहा कि भारत का मेड इन इंडिया उत्पाद अब 18 प्रतिशत पर टैरिफ के साथ बाजार में आएगा। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “जब दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं मिलकर काम करती हैं, तो इससे हमारे लोगों को लाभ मिलता है और हमारे सहयोग के लिए कई अवसर खुलते हैं।”
विश्लेषकों ने इस घोषणा को यूरोपीय संघ के साथ एक बड़े मुक्त व्यापार समझौते के एक सप्ताह बाद की संयोगित समय में देखा है, जिससे नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच द्विपक्षीय समझौते की दिशा में प्रगति होने की संभावना बढ़ गई है।
