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मध्य प्रदेश: मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज करेंगे राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी का शुभारंभ

भोपाल, 30 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज शुक्रवार को दोपहर 3 बजे कृषक कल्याण वर्ष 2026 के अवसर पर शासकीय गुलाब उद्यान, लिंक रोड क्रमांक-1, भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी का शुभारंभ करेंगे।

उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशा अनुरुप मध्य प्रदेश में वर्ष 2026 कृषि कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। पुष्प उत्पादन और उद्यानिकी गतिविधियों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से आज राज्य स्तरीय पुष्प महोत्सव 2026 का आयोजन शासकीय गुलाब उद्यान में किया जा रहा है। पुष्प महोत्सव का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा किया जाएगा।

राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी का आयोजन उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग और मध्य प्रदेश रोज़ सोसायटी द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। इसमें बहुवर्षीय पुष्प, मौसमी/एन्युवल पुष्प, गमलों में शोभायमान पौधे, कैक्टस समूह, बोनसाई समूह तथा पुष्पों के प्रसंस्कृत उत्पाद भी रखे जाएंगे। प्रदर्शनी में पुष्प उत्पादक कृषक, पुष्प विशेषज्ञ, नर्सरी व्यवसाय से जुड़े उद्यमी, पुष्प उत्पादक संस्थाओं के प्रतिनिधि, कृषि विश्वविद्यालयों के छात्र तथा पुष्प प्रेमी शामिल होंगे।

मंत्री कुशवाह ने बताया कि मध्य प्रदेश पुष्प उत्पादन में देश में द्वितीय स्थान पर है। प्रदेश के लगभग 45 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में फूलों की खेती की जा रही है जिसमें 5 लाख मी.टन फूलों का उत्पादन प्रतिवर्ष हो रहा है। प्रदेश में लगभग 40 हजार किसान फूलों की खेती से जुड़े हुए हैं। राज्य शासन का लक्ष्य फूलों के उत्पादन के व्यावसायिक स्वरूप प्रदान करते हुए किसानों की आय को दोगुना करना है। मध्य प्रदेश को पुष्प उत्पादन में अग्रणी राज्य बनाना है। प्रदेश के ऐसे धार्मिक स्थान और शहर जिनमें फूलों की अधिक मांग रहती है उनके आस-पास पुष्प उत्पादन क्लस्टर विकसित करने कार्य योजना बनाई गई है। इसी कड़ी में उद्यानिकी विभाग द्वारा 2028 में होने वाले सिंहस्थ मेले को बड़े अवसर के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर उज्जैन के आस-पास लगभग 100 एकड़ में फूल उत्पादन का विशेष क्लस्टर विकसित करने पर कार्य किया जा रहा है।

मंत्री कुशवाह ने बताया कि प्रदेश के गुना जैसे छोटे जिले के किसानों द्वारा गुलाब उत्पादन में देश और विदेश में नई पहचान बनाई है। गुना का गुलाब दिल्ली, मुंबई, बैंगलोर सहित विदेशों में भी अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा फूलों के उत्पादन को प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) से भी जोड़ा गया है। अनेक हितग्राही योजना का लाभ उठाकर फूलों से बनने वाले उत्पादों से जुड़े हुए हैं।

पुष्प प्रदर्शनी के प्रमुख आकर्षण में प्रदेश के विभिन्न जिलों में उत्पादित दुर्लभ, आकर्षक एवं रंग-बिरंगी पुष्प प्रजातियों तथा पुष्पों से निर्मित प्रसंस्कृत उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा, जो दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होंगे। इनमें प्रमुख रूप से:

– बहुवर्षीय पुष्प: गुलाब, ज़ेरबेरा, गेंदा, सेवंती, रजनीगंधा, ग्लेडियोलस, ऑर्किड, लिलियम, एंथुरियम, कारनेशन, गुड़हल, बोगनवेलिया आदि।
– मौसमी (एन्युअल) पुष्प: जीनिया, पैंजी, फ्लॉक्स, एस्टर, मेरीगोल्ड, जिरेनियम आदि।
– गमलों में शोभायमान पौधे: क्रोटन, ड्रैसीना, कोलियस, पाम, पर्पल हार्ट/जीजस हार्ट आदि।
– विशेष श्रेणियाँ: कैक्टस समूह, बोनसाई समूह एवं पुष्पों के प्रसंस्कृत उत्पाद।

उद्यानिकी कृषकों एवं उद्यमियों का सम्मान प्रदर्शनी के दौरान किया जाएगा, और पुष्प एवं शोभायमान पौधों के उत्पादन तथा पुष्प प्रसंस्करण से जुड़े उत्कृष्ट कार्य करने वाले कृषकों, उद्यमियों एवं समूहों को पुरस्कृत किया जाएगा।

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