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निवेश आकर्षित करने के लिए CM मोहन यादव की अगुवाई में दावोस पहुंची मप्र की टीम

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Chief Minister Dr. Mohan Yadav) के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार की टीम निवेश को आकर्षित करने के लिए दावोस (Davos) में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 (World Economic Forum 2026) में भाग ले रही है। ‘ए स्प्रिट ऑफ डायलाग’ थीम के साथ राज्य सरकार रिन्यूएबल एनर्जी, मैन्युफैक्चरिंग और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में वैश्विक निवेशकों से बातचीत करेगी। दौरे के दौरान अडानी समूह, सानोफी और डीपी वर्ल्ड जैसी बड़ी कंपनियों के साथ एमओयू और रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा होगी।


क्या मकसद?
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, दावोस में बैठकों के दौरान मैन्युफैक्चरिंग, अक्षय ऊर्जा, लॉजिस्टिक, टेक्सटाइल, रसायन और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में वैश्विक निवेशकों को राज्य में आमंत्रित किया जाएगा। मध्य प्रदेश इस मंच पर निवेश संबंधी चर्चाओं, नई नीतियों की प्रस्तुति और रणनीतिक साझेदारियों पर विशेष ध्यान देगा।


भरोसेमंद साझेदारी पर भी जोर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार ने निवेश नीतियों को सरल, पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल बनाया है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, त्वरित निर्णय प्रणाली और भूमि-आवंटन की सरल प्रक्रिया को दावोस में वैश्विक निवेशकों के समक्ष प्रमुखता से रखा जाएगा। राज्य का उद्देश्य केवल निवेश प्रस्ताव प्राप्त करना नहीं वरन दीर्घकालिक और भरोसेमंद साझेदारी को भी विकसित करना है।


चलेगा बैठकों का दौर
दावोस में मध्य प्रदेश की सहभागिता के दौरान एमपीआईडीसी के वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग प्रतिनिधि और पर्यटन विभाग के सलाहकार निजी बैठकों और औद्योगिक सम्मेलनों में सक्रिय रूप से भाग लेंगे। वैश्विक कंपनियों के सीईओ और अध्यक्षों के साथ होने वाली इन बैठकों में औद्योगिक विस्तार, निर्यात बढ़ाने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर चर्चा की जाएगी। साथ ही मध्य प्रदेश की औद्योगिक प्राथमिकताओं और निवेश के अनुकूल वातावरण को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रमुखता से पेश किया जाएगा।


‘लोकल टू ग्लोबल’ पर भी फोकस
मध्य प्रदेश मुख्य रूप से कृषि, फूड प्रोसेसिंग, फार्मा, अक्षय ऊर्जा, रसायन, टेक्सटाइल और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में निवेश के लिए चर्चा करेगा। इसके साथ ही रियल एस्टेट, शिक्षा और खेल बुनियादी ढांचे के विकास पर भी संवाद किया जाएगा। राज्य सरकार ‘लोकल टू ग्लोबल’ रणनीति के माध्यम से अपने स्थानीय संसाधनों और कुशल कार्यबल को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में भी काम करेगी।


क्या है एजेंडा?
दावोस में मध्य प्रदेश की सहभागिता का मुख्य उद्देश्य राज्य के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों को वैश्विक निवेश मानचित्र पर लाना है। कृषि, फूड प्रोसेसिंग, मैन्युफैक्चरिंग, अक्षय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं को दुनिया के सामने रणनीतिक रूप से रखा जाएगा। मध्य प्रदेश सरकार का लक्ष्य ऐसा निवेश लाना है जो उन्नत तकनीक, कौशल विकास और स्थानीय स्तर पर रोजगार को बढ़ावा दे सके। दावोस का यह दौरा राज्य को एक भरोसेमंद और स्थिर निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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