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MP: भोजशाला में बसंत पंचमी की तैयारियां तेज…कमिश्नर-आईजी पहुंचे धार, दोनों पक्षों से की बात

धार। आगामी बसंत पंचमी (Basant Panchami) को लेकर मध्य प्रदेश के धार के भोजशाला (Bhojshala, Dhar) क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इंदौर कमिश्नर और आईजी (Commissioner and IG) ने हिन्दू और मुस्लिम दोनों ही पक्षों के साथ बैठक की। बताया जाता है कि इंदौर कमिश्नर डॉ. सुदामा खंडे और आईजी इंदौर अनुराग सिंह सोमवार को धार पहुंचे और सर्किट हाउस में हिन्दू-मुस्लिम समाज (Hindu-Muslim society) के प्रतिनिधि मंडलों से अलग-अलग बंद कमरे में चर्चा की।


दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों के साथ बात
बताया जाता है कि बैठक में हिंदू समाज की ओर से गोपाल शर्मा और अशोक जैन मौजूद रहे जबकि मुस्लिम समाज की ओर से शहर काजी वकार सादिक, हाजी मुजीब कुरेशी, सोहेल निसार, जावेद अंजुम साहब एवं सदर अब्दुल समद समेत कुल 8 प्रतिनिधि मौजूद रहे।


क्या बोला हिन्दू पक्ष?
भोज उत्सव समिति के संरक्षक अशोक जैन ने बताया कि प्रशासन के साथ उनकी बातचीत बेहद सकारात्मक रही। हालांकि उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि मां सरस्वती की पूजा सूर्योदय से सूर्यास्त तक अखंड रूप से होगी। उनके पास पूर्व का आदेश मौजूद है जिसे ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन को सौंप दिया गया है। बाद में जोड़े गए सप्लीमेंट्री आदेश से उनका कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने मांग की कि पूजा के समय मंदिर और परिसर पूरी तरह खाली रखा जाना चाहिए।


मुस्लिम पक्ष ने क्या कहा?
वहीं इस बैठक के बाद मुस्लिम समाज सदर अब्दुल समद ने संवाददाताओं से कहा कि पहले भी मुस्लिम समाज ने प्रशासन का सहयोग किया है। मुस्लिम समाज का रुख साफ है कि नमाज पढ़ी जाएगी लेकिन वह सांकेतिक और सीमित संख्या में होगी। सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है। इसके साथ ही उन्होंने शांति बनाए रखने और भ्रामक गतिविधियों पर रोक लगाने की अपील की।


क्या बोले आईजी?
आईजी अनुराग सिंह ने दोनों पक्षों के साथ बैठक के बाद कहा कि बातचीत बहुत शांतिपूर्ण और सुखद माहौल में हुई है। प्रशासन दोनों पक्षों द्वारा रखे गए सुझावों पर गंभीरता से विचार करके ही अगला कदम उठाएगा। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि किसी भी हाल में शहर का माहौल बिगड़ने नहीं दिया जाएगा और सुरक्षा के लिए हर जरूरी इंतजाम किए जाएंगे। वर्तमान में प्रशासन और समाज के लोग भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के आने वाले नए आदेश की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

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