
नई दिल्ली, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर एक सकारात्मक समाचार आया है। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान, 11 जनवरी तक शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह में 8.82 प्रतिशत की वृद्धि होकर यह 18.38 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। आयकर विभाग ने सोमवार को इस वित्तीय वर्ष के लिए 11 जनवरी तक के सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह, रिफंड, शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह और अग्रिम कर संग्रह के आंकड़े जारी किए हैं। विभाग के अनुसार, 1 अप्रैल, 2025 से 11 जनवरी, 2026 के बीच शुद्ध कॉर्पोरेट कर संग्रह 8.63 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा, वहीं गैर-कॉर्पोरेट कर (व्यक्तिगत करदाता और हिंदू अविभाजित परिवार सहित) से 9.30 लाख करोड़ रुपये का संग्रह हुआ। इस अवधि के दौरान प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) से 44,867 करोड़ रुपये का संग्रह हुआ। वहीं, कर रिफंड में सालाना आधार पर 17 प्रतिशत की कमी के साथ यह 3.12 लाख करोड़ रुपये रह गया है। सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह वित्त वर्ष 2025-26 में 11 जनवरी तक 4.14 प्रतिशत बढ़कर लगभग 21.50 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। विभाग ने इसके लिए 11 जनवरी 2026 तक के ग्रॉस डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन, रिफंड और नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन की जानकारी आयकर विभाग की राष्ट्रीय वेबसाइट पर उपलब्ध कराई है। उल्लेखनीय है कि चालू वित्त वर्ष 2025-26 में केंद्र सरकार ने प्रत्यक्ष कर संग्रह का लक्ष्य 25.20 लाख करोड़ रुपये रखा है, जो कि पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 12.7 प्रतिशत अधिक है। सरकार का लक्ष्य चालू वित्त वर्ष में एसटीटी से 78,000 करोड़ रुपये जुटाने का है।
