
भोपाल, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में राजधानी भोपाल में सोमवार को हिंदू सम्मेलन का विधिवत शुभारंभ हुआ। यह सम्मेलन कैंपियन ग्राउंड के निकट आयोजित किया गया, जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत हुई। इस अवसर पर प्रस्तुत एक विशेष नाटक ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। नाटक के माध्यम से वर्तमान सामाजिक, आर्थिक और वैश्विक परिदृश्यों पर गहराई से विचार प्रस्तुत किए गए।
नाटक में अमेजन, उबर, पिज्जा हट जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के बढ़ते प्रभाव को उजागर करते हुए दिखाया गया कि देश किस तरह विदेशी उत्पादों और सेवाओं पर निर्भरता की ओर बढ़ रहा है। प्रस्तुतियों के जरिए यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि स्वदेशी विकल्पों की अनदेखी से भारत को आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से दीर्घकालिक नुकसान हो सकता है।
नाटक ने अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य को भी दर्शाया, जिसमें पाकिस्तान को चीन का करीबी सहयोगी और अमेरिका को भारत के खिलाफ खड़ा किया गया। प्रस्तुतियों ने यह समझाने का प्रयास किया कि वैश्विक स्तर पर कुछ शक्तियां भारत के बढ़ते प्रभाव और आत्मनिर्भरता से असहज हैं और वे परोक्ष रूप से भारत विरोधी गतिविधियों में संलग्न दिखाई देती हैं।
कार्यक्रम के दौरान स्वदेशी के महत्व को विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। वक्ताओं और प्रस्तुतियों के माध्यम से आमजन से आह्वान किया गया कि वे दैनिक जीवन में देशी उत्पादों का अधिक उपयोग करें। ‘प्रिया’ नामक नाटक के जरिए आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करते हुए विदेशी वस्तुओं के स्थान पर स्वदेशी अपनाने का संदेश दिया गया।
संघ के शताब्दी वर्ष के तहत आयोजित इस हिंदू सम्मेलन में अगले दिनों में विभिन्न सत्र, विचार गोष्ठियां, संबोधन और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। इन आयोजनों में धर्म, संस्कृति, राष्ट्रवाद, सामाजिक समरसता और आत्मनिर्भरता के विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
